एआई इम्पैक्ट समिट 2026: एनडीए नेताओं ने बताया युगांतकारी पहल, ‘डेटा और सेमीकंडक्टर होंगे भविष्य की ताकत’
दिल्ली के भारत मंडपम में सोमवार से शुरू हुए ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ को लेकर एनडीए के नेताओं ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका मानना है कि यह सम्मेलन भारत को तकनीकी क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने वाला मील का पत्थर साबित होगा। नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा और सेमीकंडक्टर आने वाले दौर की सबसे बड़ी ताकत बनने जा रहे हैं और भारत को इस दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाना होगा।
नेताओं ने क्यों कहा यह समिट ऐतिहासिक?
बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने इस पहल को देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करते हैं जो राष्ट्रहित में हों और इस तरह के आयोजन उनकी सोच का ही परिणाम हैं। उनके अनुसार, यह समिट भारत को डिजिटल और तकनीकी क्रांति में आगे ले जाने का काम करेगी।
जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि तकनीक पूरी दुनिया का नक्शा बदल रही है और AI, डेटा तथा सेमीकंडक्टर इस बदलाव के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा, “भारत को वैश्विक मानकों के अनुरूप खुद को ढालना होगा, और यह समिट उस दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।” उन्होंने यह भी बताया कि बिहार इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। अगले दिन बिहार पवेलियन का उद्घाटन होगा, जहां राज्य के युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को नवाचार के क्षेत्र में पीछे नहीं रहना चाहिए।
बीजेपी विधायक राम कदम ने इस समिट को भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह AI दुनिया भर में नए अवसर पैदा कर रहा है, उसी तरह यह समिट भारत में भी तकनीकी क्रांति को गति देगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस आयोजन में शामिल होंगे और विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा करेंगे कि AI को शिक्षा, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में कैसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाला दौर पूरी तरह डेटा और AI के नाम होगा।
भारत मंडपम में भव्य शुरुआत
इन बयानों के बीच सोमवार को भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस समिट में लगने वाला एक्सपो 70,000 वर्ग मीटर में फैला हुआ है, जिसमें 30 देशों की 300 से अधिक कंपनियां अपनी तकनीक का प्रदर्शन करेंगी। यह आयोजन 16 से 20 फरवरी तक चलेगा।
इस वैश्विक आयोजन में बड़ी टेक कंपनियां, स्टार्टअप, शिक्षण और शोध संस्थान, केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें और अंतरराष्ट्रीय साझेदार भाग ले रहे हैं। एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन बनाए गए हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और कई अफ्रीकी देश शामिल हैं। यह आयोजन वैश्विक सहयोग और तकनीकी एकीकरण की मजबूत झलक पेश करता है।
ढाई लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान
एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में ढाई लाख से अधिक दर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इस मंच का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि और अन्य क्षेत्रों में AI को बढ़ावा देना, नई साझेदारियां बनाना और व्यापार के नए अवसर पैदा करना है। यह समिट भारत को डिजिटल भविष्य की ओर ले जाने वाली एक बड़ी छलांग के रूप में देखी जा रही है।