एआई कंपनियों की नई तलाश: सॉफ्टवेयर इंजीनियर से ज्यादा इलेक्ट्रिशियन और प्लंबर की मांग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में प्रतिभा की होड़ आमतौर पर सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और शोध वैज्ञानिकों तक सीमित मानी जाती है। बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां शीर्ष एआई विशेषज्ञों को अपनी टीम में शामिल करने के लिए करोड़ों डॉलर के पैकेज पेश कर रही हैं। हालांकि, इस प्रतिस्पर्धा का एक बड़ा हिस्सा अक्सर अनदेखा रह जाता है। एआई की दौड़ में न सिर्फ प्रतिभाशाली सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की जरूरत है, बल्कि विशाल डेटा सेंटरों के निर्माण के लिए कुशल इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और कूलिंग तकनीशियनों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

समस्या की गंभीरता को समझना

अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, एआई उद्योग में अगले कुछ वर्षों में हर साल लगभग 81,000 इलेक्ट्रीशियनों की कमी बनी रहने की संभावना है। अनुमान है कि अगले दशक में इलेक्ट्रीशियनों की संख्या में 9 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जो कई अन्य व्यवसायों की तुलना में काफी अधिक है।

वहीं, एक अन्य रिपोर्ट और भी चिंताजनक आंकड़े पेश करती है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक अमेरिका को अतिरिक्त 1.3 लाख प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन, 2.4 लाख निर्माण श्रमिक और 1.5 लाख निर्माण पर्यवेक्षकों की आवश्यकता होगी। यह आंकड़े बताते हैं कि यह कमी केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे उद्योग को प्रभावित कर रही है।

डेटा सेंटर: मांग का मुख्य कारण

देशभर में तेजी से बनाए जा रहे एआई डेटा सेंटर इस बढ़ती मांग के सबसे बड़े कारण हैं। एक अंतरराष्ट्रीय विद्युत श्रमिक संगठन के अनुसार, कई क्षेत्रों में एक ही डेटा सेंटर परियोजना के लिए मौजूदा संघ सदस्यों से दो से चार गुना अधिक श्रमिकों की आवश्यकता पड़ रही है। फिलहाल, किसी भी एक उद्योग की तुलना में डेटा सेंटर से सबसे अधिक कार्यबल की मांग आ रही है। एआई सिस्टम को संचालित करने के लिए भारी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है, जिसके कारण अधिक मानव संसाधनों की जरूरत पड़ रही है।

टेक कंपनियों की बढ़ती चिंता

कुछ बड़ी टेक कंपनियां इस कमी को लेकर पहले ही सतर्क हो चुकी हैं। एक प्रमुख कंपनी ने पिछले वर्ष विद्युत प्रशिक्षण गठबंधन को वित्त पोषित करने की घोषणा की थी। इस पहल का उद्देश्य 2030 तक एक लाख मौजूदा इलेक्ट्रीशियनों को नए कौशल सिखाना और 30,000 नए प्रशिक्षु तैयार करना है। कंपनी का दावा है कि इससे इस क्षेत्र में लगभग 70 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है।

हर क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की होड़

डेटा सेंटर बनाने वाली कंपनियों को आवास, अस्पताल, कारखानों और ऊर्जा परियोजनाओं से भी कुशल श्रमिकों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, पहले ट्रेड वर्कर अपनी अगली पीढ़ी को अपने हुनर सिखाते थे, लेकिन अब अधिकांश लोग अपने बच्चों को चार साल की कॉलेज डिग्री लेने की सलाह देते हैं। इसका परिणाम यह हुआ है कि सबसे अनुभवी श्रमिक अब सेवानिवृत्ति की आयु तक पहुंच चुके हैं, जिससे कुशल श्रमिकों की कमी और गहरी हो गई है।

  • एआई डेटा सेंटर के निर्माण में बिजली के तारों से लेकर पानी की पाइपलाइन और कूलिंग सिस्टम तक, हर क्षेत्र में विशेषज्ञों की जरूरत होती है।
  • प्लंबरों की मांग इसलिए बढ़ रही है क्योंकि डेटा सेंटरों को ठंडा रखने के लिए जटिल जल प्रबंधन प्रणालियों की आवश्यकता होती है।
  • इलेक्ट्रीशियनों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे हाई-वोल्टेज बिजली आपूर्ति और बैकअप सिस्टम स्थापित करते हैं।
  • हीटिंग और कूलिंग तकनीशियनों की मांग भी लगातार बढ़ रही है, क्योंकि सर्वर को एक निश्चित तापमान पर रखना अनिवार्य है।

यह स्थिति साफ संकेत देती है कि एआई क्रांति में केवल कोड लिखने वालों की ही नहीं, बल्कि उस बुनियादी ढांचे को खड़ा करने वाले कुशल श्रमिकों की भी अहम भूमिका है। जैसे-जैसे डेटा सेंटरों का विस्तार होगा, इलेक्ट्रीशियन और प्लंबर जैसे पारंपरिक व्यवसायों की मांग और बढ़ेगी, जिससे इन क्षेत्रों में करियर की नई संभावनाएं खुलेंगी।