AI की दुनिया में नया मोड़: ChatGPT ने विकिपीडिया को छोड़ा, अब ग्रोकीपीडिया पर भरोसा
एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच की तकरार तो जगजाहिर है, लेकिन तकनीकी क्षेत्र में कभी-कभी प्रतिद्वंद्वी भी एक-दूसरे के काम आ जाते हैं। हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार, ओपनएआई के सबसे उन्नत मॉडल GPT-5.2 ने रियल-टाइम जानकारी प्राप्त करने के लिए विकिपीडिया की बजाय एलन मस्क के प्लेटफॉर्म ‘ग्रोकीपीडिया’ को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। यह वही ग्रोकीपीडिया है जो अपने लॉन्च के समय से ही कई विवादों में घिरा हुआ है।
ग्रोकीपीडिया का बढ़ता प्रभाव
मस्क की कंपनी xAI ने पिछले वर्ष विकिपीडिया को चुनौती देने के लिए ‘ग्रोकीपीडिया’ नामक एक एआई-आधारित विश्वकोश लॉन्च किया था। अब यह देखना दिलचस्प है कि चैटजीपीटी का नवीनतम संस्करण इंटरनेट सर्च के दौरान मुख्य रूप से इसी प्लेटफॉर्म से डेटा एकत्र कर रहा है। यानी जिस शख्स से ऑल्टमैन की कटुता है, उसी के प्रोडक्ट का उपयोग अब चैटजीपीटी को और अधिक स्मार्ट बनाने के लिए किया जा रहा है।
परीक्षण में सामने आए तथ्य
एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षण के दौरान GPT-5.2 ने करीब एक दर्जन सवालों के जवाब देने के लिए नौ बार ग्रोकीपीडिया का सहारा लिया। इन सवालों में ईरान की राजनीतिक संरचना, वहां की बासिज फोर्स के वेतनमान और बड़े संस्थानों के स्वामित्व जैसे जटिल विषय शामिल थे। इसके अलावा, ब्रिटिश इतिहासकार सर रिचर्ड इवांस जैसे विशेषज्ञों के बारे में भी चैटजीपीटी ने विकिपीडिया के बजाय मस्क के इस एआई इनसाइक्लोपीडिया पर भरोसा जताया।
विवादों से घिरा ग्रोकीपीडिया
हालांकि कई एआई मॉडल इसका उपयोग कर रहे हैं, लेकिन ग्रोकीपीडिया विवादों से अछूता नहीं है। लॉन्चिंग के बाद से ही इस पर आरोप लग रहे हैं कि इसने विकिपीडिया की सामग्री को बिना अनुमति के कॉपी किया है। सबसे बड़ी चिंता इसकी निष्पक्षता को लेकर है। आलोचकों का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म एलन मस्क के निजी विचारों और दक्षिणपंथी विचारधारा को बढ़ावा देता है। पहले भी इस पर जलवायु परिवर्तन, अमेरिका की 6 जनवरी की घटना और समलैंगिक विवाह जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गलत जानकारी फैलाने के आरोप लग चुके हैं।
दोनों प्लेटफॉर्म के बीच बुनियादी अंतर
विकिपीडिया और ग्रोकीपीडिया के काम करने के तरीके में जमीन-आसमान का फर्क है। विकिपीडिया एक लोकतांत्रिक मंच है जहां कोई भी व्यक्ति किसी भी जानकारी को संपादित या सही कर सकता है। इसके विपरीत, ग्रोकीपीडिया पूरी तरह एआई-संचालित है। यहां उपयोगकर्ता केवल फीडबैक फॉर्म के माध्यम से बदलाव का सुझाव दे सकते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय एआई सिस्टम का ही होता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चैटजीपीटी ने उन विवादित विषयों पर ग्रोकीपीडिया का हवाला नहीं दिया जहां गलत जानकारी होने की संभावना अधिक थी। हालांकि, कम चर्चित विषयों पर उसने मस्क के प्लेटफॉर्म की बातों को ही दोहराया।
सिर्फ चैटजीपीटी ही नहीं, क्लाउड भी इस दौड़ में शामिल
दिलचस्प बात यह है कि ग्रोकीपीडिया का उपयोग करने वाली अकेली कंपनी ओपनएआई नहीं है। एंथ्रोपिक, जो अपना एआई मॉडल क्लाउड विकसित कर रही है, उसने भी पेट्रोलियम उत्पादन से लेकर स्कॉटिश वाइन जैसे विषयों पर ग्रोकीपीडिया से ही जवाब जुटाए। यह संकेत देता है कि एआई उद्योग में ग्रोकीपीडिया का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
ओपनएआई का रुख
इस पूरे विवाद पर ओपनएआई के प्रवक्ता का कहना है कि उनका सर्च फीचर इंटरनेट पर मौजूद हर तरह के सार्वजनिक स्रोतों और नजरियों को समेटने की कोशिश करता है। कंपनी का दावा है कि वे सुरक्षा फिल्टर का उपयोग करते हैं ताकि गलत जानकारी उपयोगकर्ताओं तक न पहुंचे और चैटजीपीटी स्पष्ट रूप से बताता है कि उसने जानकारी कहां से ली है।
यह घटनाक्रम एआई और ऑनलाइन जानकारी के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े करता है। क्या पारंपरिक विश्वकोशों का दिन लदने वाला है? या फिर एआई-जनरेटेड सामग्री की विश्वसनीयता पर और अधिक बहस होगी? फिलहाल, यह स्पष्ट है कि एलन मस्क का ग्रोकीपीडिया एआई की दुनिया में एक नया अध्याय लिख रहा है, भले ही वह विवादों से घिरा हो।