गर्मियों में एसी चलाने से पहले अपनाएं यह तरीका, बिजली का बिल होगा आधा

गर्मी के मौसम में बाहर से घर लौटते ही सबसे पहले एयर कंडीशनर चालू करने की आदत आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। दरअसल, जब आप सीधे बंद कमरे में एसी ऑन करते हैं, तो मशीन को न सिर्फ हवा बल्कि दीवारों, छत और फर्नीचर में जमा गर्मी को भी ठंडा करना पड़ता है। इससे कंप्रेसर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है और बिजली की खपत बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक सरल प्रक्रिया अपनाकर आप इस समस्या से बच सकते हैं और अपने बिजली बिल में भारी कटौती कर सकते हैं।

क्या है एसी वेंटिलेशन फ्लश तकनीक?

यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कमरे में मौजूद गर्म और उमस भरी हवा को बाहर निकालने के बाद ही एसी चालू किया जाता है। जब आप दिनभर की धूप के बाद कमरे में प्रवेश करते हैं, तो वहां की हवा और सतहें काफी गर्म होती हैं। अगर आप तुरंत एसी चालू कर देते हैं, तो मशीन को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिजली की खपत 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। वेंटिलेशन फ्लश इसी समस्या का समाधान है।

वेंटिलेशन फ्लश अपनाने के सरल कदम

इस तकनीक को अपनाने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं है। बस नीचे बताए गए चरणों का पालन करें:

  • सबसे पहले कमरे में जाते ही सभी खिड़कियां और दरवाजे खोल दें।
  • छत के पंखे को अधिकतम गति पर चालू करें और 5 से 7 मिनट तक चलने दें। इससे कमरे की गर्म हवा और नमी बाहर निकल जाएगी।
  • अब एसी को ऑन करें, लेकिन इसे शुरुआती 2-3 मिनट तक केवल फैन मोड पर ही चलाएं।
  • इसके बाद खिड़की और दरवाजे बंद करें और एसी को कूलिंग मोड पर सेट करें।

इस प्रक्रिया से कमरे का तापमान तेजी से गिरता है और कंप्रेसर पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता।

16 डिग्री पर एसी चलाने के नुकसान

अक्सर लोग तुरंत ठंडक पाने के लिए एसी का तापमान 16 या 18 डिग्री पर सेट कर देते हैं। यह आदत कई समस्याओं की जड़ है:

  • कंप्रेसर पर अत्यधिक दबाव: भीषण गर्मी में 16 डिग्री तापमान प्राप्त करना मुश्किल होता है, जिसके कारण कंप्रेसर बिना रुके चलता रहता है। इससे मशीन के पुर्जे जल्दी खराब हो सकते हैं।
  • बिजली का बढ़ता बिल: लगातार फुल पावर पर चलने से बिजली की खपत में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि होती है, जो सीधे आपके बिल को प्रभावित करती है।
  • मशीन की उम्र कम होना: इस तरह के उपयोग से एसी के पुर्जे जल्दी घिसते हैं और गैस लीकेज या कंप्रेसर फेल होने जैसी समस्याएं बार-बार होने लगती हैं।

24 से 26 डिग्री तापमान का जादू

भारतीय जलवायु के लिए एसी का आदर्श तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच माना गया है। इस तापमान पर न सिर्फ कमरा आरामदायक रहता है, बल्कि कंप्रेसर को बीच-बीच में आराम भी मिलता है। अगर आप इस दौरान पंखे को धीमी गति पर चलाते हैं, तो ठंडी हवा पूरे कमरे में एक समान फैलती है। इस संयोजन से बिजली की काफी बचत होती है और आपका एसी लंबे समय तक चलता है।