एसी रेंट पर लेने का प्लान है? बुकिंग से पहले इन 5 बातों पर गौर करें, वरना पड़ सकता है भारी
गर्मी का मौसम आते ही एयर कंडीशनर की मांग बढ़ जाती है। खासकर उन लोगों के लिए जो छात्र हैं, किराए के मकान में रहते हैं या नौकरी के सिलसिले में अस्थायी तौर पर शहर बदल रहे हैं, उनके लिए एसी खरीदना बजट के बाहर हो सकता है। ऐसे में किराए पर एसी लेना एक स्मार्ट विकल्प लगता है। लेकिन यह उतना आसान नहीं है जितना दिखता है। अगर आप छिपे हुए नियमों और शर्तों को नहीं समझेंगे, तो यह आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। आइए जानते हैं कि रेंट पर एसी बुक करने से पहले किन-किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि आपके पैसे बचें और अनुभव भी अच्छा रहे।
1. छिपे हुए शुल्कों से रहें सावधान
अक्सर कंपनियां आकर्षक मासिक किराए का विज्ञापन करती हैं, लेकिन असली खर्चा बाद में पता चलता है। इंस्टॉलेशन, डिलीवरी, अनइंस्टॉलेशन और यहां तक कि एसी को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर भी अलग से फीस ली जा सकती है। कई बार सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर भारी रकम जमा करानी पड़ती है। बुकिंग से पहले हमेशा पूरे खर्च का ब्रेकडाउन मांगें। इससे आपको कोई अप्रिय आश्चर्य नहीं होगा और आप सही फैसला ले पाएंगे।
2. कमरे के आकार के अनुसार सही क्षमता चुनें
एसी की क्षमता का सीधा असर आपके बिजली के बिल और ठंडक पर पड़ता है। अगर छोटे कमरे में बड़ी क्षमता का एसी लगाएंगे, तो बिजली का बिल अनावश्यक रूप से बढ़ जाएगा। वहीं, बड़े हॉल में छोटा 1 टन का एसी लगाने से पर्याप्त ठंडक नहीं मिलेगी। इसलिए अपने कमरे के आकार के हिसाब से ही 1 या 1.5 टन का एसी चुनें। सही क्षमता न सिर्फ बेहतर कूलिंग देती है, बल्कि बिजली की बचत भी करती है और आपका पैसा भी बचाती है।
3. रखरखाव और सर्विसिंग की शर्तें स्पष्ट करें
एसी एक मशीन है जो कभी भी खराब हो सकती है, खासकर गर्मी के चरम मौसम में। इसलिए यह पहले ही तय कर लें कि सर्विसिंग, मरम्मत और गैस रिफिलिंग का खर्च कौन उठाएगा। क्या कंपनी मुफ्त मेंटेनेंस देगी या टेक्नीशियन बुलाने पर अलग से पैसे देने होंगे? पीक सीजन में सर्विस के लिए इंतजार लंबा हो सकता है, इसलिए पहले से स्पष्टता रखना जरूरी है। साथ ही, यह भी जान लें कि अगर एसी खराब हो जाए तो कंपनी कितने समय में रिप्लेसमेंट देगी।
4. बिजली की खपत पर समझौता न करें
पुराने और सस्ते मॉडल का किराया भले ही कम हो, लेकिन वे बिजली की खपत बहुत अधिक करते हैं। इससे आपका बिजली का बिल आसमान छू सकता है। हमेशा इन्वर्टर एसी या कम से कम 3-स्टार रेटिंग वाले मॉडल को ही किराए पर लें। भले ही इसका मासिक किराया थोड़ा ज्यादा हो, लेकिन लंबी अवधि में यह बिजली के बिल को कम रखकर आपको काफी बचत कराएगा। यह एक समझदारी भरा निवेश होगा।
5. अनुबंध की छोटी-छोटी बातों को ध्यान से पढ़ें
किसी भी कंपनी से एसी लेने से पहले अनुबंध की सभी शर्तों को गौर से पढ़ें। लॉक-इन अवधि, नुकसान की नीति और रद्दीकरण की शर्तों को नजरअंदाज न करें। कई कंपनियां समय से पहले एसी वापस करने पर भारी जुर्माना लगाती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इंस्टॉलेशन के दौरान ही एसी को चालू करके जांच लें। अगर कंप्रेसर में आवाज आ रही है या कूलिंग कम है, तो वहीं टेक्नीशियन को बताएं। बाद में शिकायत करने पर कंपनियां अक्सर सही करने से मना कर देती हैं।
- हमेशा पूरे खर्च का ब्रेकडाउन मांगें और छिपे हुए शुल्कों से सावधान रहें।
- अपने कमरे के आकार के अनुसार सही क्षमता का एसी चुनें, ताकि बिजली का बिल न बढ़े।
- सर्विसिंग, मरम्मत और गैस रिफिलिंग के खर्च के बारे में पहले से स्पष्टता रखें।
- बिजली बचाने के लिए इन्वर्टर या उच्च स्टार रेटिंग वाला एसी लें, भले ही किराया थोड़ा ज्यादा हो।
- अनुबंध की सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ें और इंस्टॉलेशन के समय ही एसी की जांच कर लें।