23 मार्च 2026 का पंचांग: चैत्र नवरात्रि का पाँचवाँ दिन, शुभ मुहूर्त और राहुकाल
23 मार्च 2026, सोमवार को चैत्र नवरात्रि का पाँचवाँ दिन है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर माँ दुर्गा के पाँचवें स्वरूप माँ स्कंदमाता की पूजा का विधान है। इस दिन चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है, जो शाम 06 बजकर 40 मिनट तक रहेगी। साथ ही कृत्तिका नक्षत्र का भी शुभ संयोग बन रहा है। आइए जानते हैं 23 मार्च का संपूर्ण पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
23 मार्च 2026 का पंचांग
- तिथि: पंचमी (शाम 18:40 तक)
- नक्षत्र: कृत्तिका (रात 20:50 तक)
- प्रथम करण: बावा (सुबह 07:57 तक)
- द्वितीय करण: बालवा (शाम 18:40 तक)
- पक्ष: शुक्ल
- वार: सोमवार
- योग: विष्कंभ (दोपहर 12:22 तक)
- सूर्योदय: प्रातः 06:19
- सूर्यास्त: सायं 18:22
- चंद्रमा: वृषभ राशि में
- राहुकाल: सुबह 07:49 से 09:19 तक
- विक्रमी संवत्: 2083
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
- मास: चैत्र
शुभ मुहूर्त (23 मार्च 2026)
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:56 से 12:44 तक
चंद्रमा और सूर्य का समय
- सूर्योदय: प्रातः 06:19
- सूर्यास्त: सायं 18:22
- चंद्रोदय: सुबह 09:03
- चंद्रास्त: रात 23:05
अशुभ मुहूर्त (23 मार्च 2026)
- गुलिक काल: दोपहर 13:51 से 15:21 तक
- यमगण्ड: सुबह 10:50 से दोपहर 12:20 तक
- राहुकाल: सुबह 07:49 से 09:19 तक
इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे, जिसके स्वामी शुक्रदेव हैं। यह दिन नवरात्रि की पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष महत्व रखता है। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से साधक को विशेष लाभ प्राप्त होता है।