अक्षय तृतीया 2026: राशि अनुसार दान से जीवन में आएगी सुख-समृद्धि
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया का पर्व अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस वर्ष यह पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन किया गया दान, जप और कोई भी पुण्य कर्म कभी क्षीण नहीं होता। अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है, जिस दिन सोना-चांदी खरीदने और दान करने का विशेष महत्व है।
वैशाख मास की तीव्र गर्मी के कारण इस दिन शीतलता प्रदान करने वाली वस्तुओं का दान विशेष फलदायी माना गया है। जल से भरा घड़ा, सत्तू, छाता, चटाई, पंखा, ठंडे पेय और मौसमी फल दान करने से न केवल पुण्य मिलता है, बल्कि ग्रहों की शुभता भी बढ़ती है। यदि यह दान राशि के अनुसार किया जाए तो जीवन में सुख-समृद्धि, उन्नति और शांति का संचार होता है।
मेष राशि
मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। इस राशि के जातकों को उष्णता को संतुलित करने वाली वस्तुओं का दान करना चाहिए। जैसे सत्तू, तरबूज, गुलाब का शरबत, मिट्टी का घड़ा और छाता। इससे स्वभाव में शांति और कार्यों में स्थिरता आती है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। इस राशि वालों के लिए सुख-सुविधा और शीतलता से जुड़ी वस्तुएं शुभ होती हैं। जैसे ठंडा दूध, दही, मिश्री, सुगंधित शरबत, सफेद चटाई और इत्र। इससे वैभव और पारिवारिक खुशहाली बढ़ती है।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। इस राशि के जातकों को हरी और ताजगी देने वाली वस्तुएं दान करनी चाहिए। जैसे खीरा, ककड़ी, खरबूजा, हरी सब्जियां, सत्तू और हाथ का पंखा। इससे बुद्धि, व्यापार और स्वास्थ्य में लाभ मिलता है।
कर्क राशि
कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। इस राशि वालों के लिए जल और शीतलता से जुड़ी वस्तुएं विशेष फलदायी होती हैं। जैसे जल से भरा घड़ा, ठंडाई, चावल, दही, सफेद चटाई और छाता। इससे मानसिक शांति और पारिवारिक सुख मिलता है।