NEET पेपर लीक मामला: प्रहलाद कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत बढ़ी
NEET-UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले के दो मुख्य आरोपियों प्रहलाद कुलकर्णी और शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी है। दोनों को पिछली हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें आगे भी न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया।
कौन हैं ये आरोपी?
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में सामने आया है कि सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान प्रोफेसर प्रहलाद (पीवी) कुलकर्णी इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड थे। उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने नीट-यूजी 2026 के प्रश्न पत्र को लीक करने की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। वहीं, दूसरे आरोपी शिवराज मोटेगांवकर पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र प्राप्त कर लिया था।
जांच में जुटी सीबीआई
फिलहाल सीबीआई इस मामले की गहन जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक नेटवर्क से और कौन-कौन से लोग जुड़े हुए हैं। जांच के दौरान कई स्तरों पर पूछताछ और साक्ष्य संकलन का काम जारी है। सीबीआई का मानना है कि यह कोई छोटा मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दी गई साजिश है, जिसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं।
अदालत ने नहीं दी राहत
दोनों आरोपियों ने हिरासत से राहत पाने की कोशिश की, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें आगे भी न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। इस मामले में आगे की सुनवाई 11 जुलाई को होगी, जब तक दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
- प्रहलाद कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ाई गई है।
- सीबीआई पूरे पेपर लीक नेटवर्क की जांच कर रही है।
- मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को तय की गई है।