UPESSC का बड़ा फैसला: DELEd वाले ये अभ्यर्थी नहीं दे सकेंगे UPTET एग्जाम, कोर्ट के आदेश के बाद आई नई गाइडलाइंस
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने UPTET 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की पात्रता को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। हाईकोर्ट (लखनऊ खंडपीठ) के ताजा आदेश के बाद, आयोग ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) से 18 महीने का डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed) करने वाले उम्मीदवारों के लिए नई शर्तें तय की हैं। यह बदलाव विशेष अपील संख्या-244/2026 में 1 जुलाई 2026 को दिए गए अंतरिम आदेश के बाद लागू हुआ है।
किन अभ्यर्थियों को मिलेगी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति?
कोर्ट के संशोधित आदेश के अनुसार, NIOS से 18 महीने का D.El.Ed (ODL) कोर्स करने वाले केवल वही अभ्यर्थी UPTET 2026 में अस्थायी (Provisional) रूप से शामिल हो सकेंगे, जो 31 मार्च 2015 या उससे पहले से सेवा (Service) में कार्यरत रहे हों। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल उन्हीं उम्मीदवारों के लिए है जो निर्धारित तिथि से पहले शिक्षण या संबंधित सेवा में थे।
31 मार्च 2015 के बाद वालों के लिए क्या नियम है?
जो अभ्यर्थी 31 मार्च 2015 के बाद सेवा में शामिल हुए हैं या जिनके पास इस तिथि से पहले का कोई सेवा प्रमाण नहीं है, वे UPTET 2026 परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं होंगे। आयोग ने ऐसे सभी उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। यह निर्णय कोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुपालन में लिया गया है।
परीक्षा परिणाम को लेकर आयोग का बड़ा फैसला
UPESSC ने यह भी स्पष्ट किया है कि भले ही कुछ विवादित पात्रता वाले NIOS D.El.Ed अभ्यर्थियों को परीक्षा में अस्थायी रूप से बैठने की अनुमति दी जा रही है, लेकिन उनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। इन उम्मीदवारों के रिजल्ट को पूरी तरह से रोक (Withheld) कर रखा जाएगा। यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक माननीय उच्च न्यायालय में लंबित विशेष अपील का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता या न्यायालय द्वारा आगामी आदेश नहीं दे दिया जाता।
क्या हैं नई गाइडलाइंस की मुख्य बातें?
- पात्रता में संशोधन: NIOS से 18 महीने का D.El.Ed कोर्स करने वालों के लिए पात्रता की शर्तों को बदल दिया गया है।
- सेवा तिथि की अनिवार्यता: केवल 31 मार्च 2015 या उससे पहले सेवा में रहे अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकते हैं।
- अंतिम निर्णय पर निर्भरता: अस्थायी अनुमति पूरी तरह से कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन होगी।
- परिणाम पर रोक: विवादित श्रेणी के अभ्यर्थियों का रिजल्ट तब तक जारी नहीं होगा, जब तक मामले का निपटारा नहीं हो जाता।
यह आदेश उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए अहम है जो NIOS के माध्यम से D.El.Ed कर रहे हैं और UPTET परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। आयोग ने सभी संबंधित उम्मीदवारों से अनुरोध किया है कि वे नई गाइडलाइंस को ध्यान से पढ़ें और अपनी पात्रता स्वयं सुनिश्चित कर लें। जिन अभ्यर्थियों की पात्रता विवादित है, उन्हें परीक्षा में शामिल होने से पहले आयोग के आधिकारिक नोटिस की जांच कर लेनी चाहिए।