कोटा में जेईई की तैयारी कर रही छात्रा ने फ्लाईओवर से कूदकर तोड़ा जीवन का सिलसिला

राजस्थान के कोटा शहर से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां जेईई परीक्षा की तैयारी कर रही एक 18 वर्षीय छात्रा ने फ्लाईओवर से कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना शनिवार देर रात कोटा-झालावाड़ फ्लाईओवर पर हुई, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है।

छात्रा की पहचान और पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, यह छात्रा बिहार के अररिया जिले के रानीगंज क्षेत्र की रहने वाली थी। उसने इस साल जनवरी में कोटा के एक कोचिंग संस्थान में जेईई की तैयारी शुरू की थी। वह विज्ञान नगर इलाके में एक पीजी में रहकर पढ़ाई कर रही थी और 12वीं कक्षा की छात्रा थी। परिजनों के अनुसार, वह पढ़ाई में मेहनती थी, लेकिन हाल के दिनों में तनाव में रहती थी।

घटना का विवरण

विज्ञान नगर पुलिस स्टेशन के सर्कल इंस्पेक्टर मुकेश मीणा ने बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजे छात्रा ने फ्लाईओवर से छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया।

जांच के दिशा-निर्देश

पुलिस का कहना है कि पहली नजर में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, लेकिन मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए छात्रा के माता-पिता के आने का इंतजार किया जा रहा है। परिजन बिहार से कोटा पहुंच रहे हैं, जिसके बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस छात्रा के मोबाइल फोन और पीजी के अन्य सामानों की जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि उसने यह कदम क्यों उठाया।

कोटा में बढ़ती चिंता

यह घटना कोटा में इस साल किसी छात्र की आत्महत्या का सातवां मामला है। कोचिंग हब के रूप में मशहूर कोटा में पढ़ाई का दबाव और प्रतिस्पर्धा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही है। इस घटना ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों और अभिभावकों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को मानसिक सहायता प्रदान करने और तनाव प्रबंधन पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

  • कोटा में इस वर्ष छात्र आत्महत्याओं की संख्या सात तक पहुंच गई है।
  • पुलिस छात्रा के परिजनों से पूछताछ के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकालेगी।
  • घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
  • कोचिंग संस्थानों द्वारा छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।