ATM को मोबाइल ऐप से नियंत्रित करने का वायरल दावा: कितना सच?
हाल के दिनों में एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रहा है, जिसमें दो लोग एक मोबाइल ऐप के जरिए एटीएम मशीन को बंद और चालू करने का दावा कर रहे हैं। इस वीडियो ने आम लोगों के मन में यह सवाल पैदा कर दिया है कि क्या बैंकिंग सिस्टम से जुड़ी ये मशीनें वाकई इतनी कमजोर हैं कि कोई भी इन्हें रिमोट से कंट्रोल कर सकता है। आइए, इस मामले की सच्चाई और विशेषज्ञों की राय को समझते हैं।
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?
वायरल हो रहे वीडियो में दो व्यक्ति एक एटीएम मशीन के सामने खड़े हैं। उनमें से एक अपने मोबाइल फोन पर एक ऐप का इस्तेमाल करता दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि इसी ऐप के जरिए उन्होंने पहले एटीएम मशीन को बंद किया और फिर कुछ ही पलों में उसे दोबारा चालू कर दिया। वीडियो में किसी का चेहरा साफ नहीं दिखता, जिससे उनकी पहचान संभव नहीं है। खास बात यह है कि वीडियो में दिखने वाला ऐप का इंटरफेस काफी हद तक उसी ‘BAT-BMS’ ऐप जैसा है, जिसका इस्तेमाल पहले ई-रिक्शा को रिमोट से बंद करने के लिए किया गया था।
पहले क्यों चर्चा में था BAT-BMS ऐप?
इससे पहले, कुछ चीनी मोबाइल ऐप जैसे BAT-BMS और Lossigy के जरिए ई-रिक्शा को दूर से नियंत्रित करने के मामले सामने आए थे। इन ऐप्स का उपयोग करके कुछ लोग ई-रिक्शा की बैटरी या मोटर को रिमोट से बंद कर देते थे। इस घटना के बाद सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर को इन ऐप्स को हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद BAT-BMS सहित कई ऐप को स्टोर्स से हटा दिया गया था।
क्या एटीएम को भी इसी तरह कंट्रोल किया जा सकता है?
यह सबसे अहम सवाल है जो लोगों के मन में है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एटीएम मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था ई-रिक्शा जैसी साधारण प्रणालियों से बिल्कुल अलग होती है। एटीएम सीधे बैंक के अत्यधिक सुरक्षित नेटवर्क से जुड़े होते हैं। इनमें कई स्तरों पर सुरक्षा के इंतजाम होते हैं, जैसे:
- सुरक्षित वीपीएन (VPN) कनेक्शन
- मल्टी-लेयर फायरवॉल सिस्टम
- बैंक के अधिकृत सर्वर से ही कनेक्टिविटी
- नियंत्रित एक्सेस सिस्टम
इन सभी सुरक्षा उपायों के कारण किसी भी सामान्य मोबाइल ऐप या ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए एटीएम को हैक या कंट्रोल करना लगभग असंभव माना जाता है।
फिर वीडियो में ऐसा कैसे दिख रहा है?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वायरल वीडियो के पीछे कई संभावनाएं हो सकती हैं:
- हो सकता है कि एटीएम मशीन पहले से ही रीबूट या अपडेट होने की प्रक्रिया में रही हो और वीडियो बनाने वालों ने उसी समय का फायदा उठाकर इसे ऐप से कंट्रोल करने का दावा किया हो।
- यह भी संभव है कि वीडियो को एडिट करके या सही समय पर रिकॉर्डिंग करके भ्रम पैदा किया गया हो।
- इस वीडियो का मकसद सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक व्यूज और वायरलिटी हासिल करना भी हो सकता है।
अब तक ऐसा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है जो यह साबित करता हो कि कोई सामान्य मोबाइल ऐप एटीएम मशीन को दूर से ऑन या ऑफ कर सकता है।
एटीएम की सुरक्षा प्रणाली क्यों खास है?
एटीएम मशीनें किसी भी बैंकिंग नेटवर्क का अहम हिस्सा होती हैं। इनमें पैसे और संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा के लिए बहुत उच्च स्तर की तकनीक का उपयोग किया जाता है। इन मशीनों में सुरक्षित वीपीएन नेटवर्क, मल्टी-लेयर फायरवॉल और बैंक के अधिकृत सर्वर से ही कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं होती हैं। यही कारण है कि इन्हें किसी तीसरे पक्ष के सामान्य एप्लिकेशन से नियंत्रित करना लगभग असंभव माना जाता है।
सरकार की सतर्कता
ई-रिक्शा वाले मामले के बाद सरकार पहले ही सतर्क हो चुकी है। MeitY के आदेश पर गूगल और एपल जैसे ऐप स्टोर्स से BAT-BMS जैसे संभावित खतरनाक ऐप्स को हटा दिया गया था। यह कदम इसलिए उठाया गया था ताकि कोई भी व्यक्ति या संगठन इन ऐप्स का दुरुपयोग न कर सके। फिलहाल, एटीएम से जुड़े इस वायरल वीडियो को लेकर किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी किसी भी अप्रमाणित जानकारी पर विश्वास न करें।