गूगल मैप्स अब खुद ऑर्डर करेगा आपका खाना, जानिए कैसे काम करेगा यह नया एआई फीचर
गूगल लगातार अपने एआई फीचर्स को बेहतर बनाने में जुटा है और अब कंपनी गूगल मैप्स को सिर्फ नेविगेशन तक सीमित नहीं रखना चाहती। हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार, गूगल मैप्स में जल्द ही एआई आधारित फूड ऑर्डरिंग फीचर जोड़ा जा सकता है। आइए जानते हैं यह कैसे काम करेगा और इसके क्या फायदे और चिंताएं हो सकती हैं।
क्या है यह नया फीचर?
गूगल मैप्स हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। चाहे दफ्तर जाना हो, किसी नए शहर में घूमना हो या किसी रेस्टोरेंट की तलाश करनी हो, यह हर जगह मददगार साबित होता है। अब तक गूगल मैप्स में रेस्टोरेंट के सुझाव और बेस्ट रूट बताने जैसी एआई सुविधाएं मौजूद थीं, लेकिन अब इसमें एक बड़ा बदलाव आने वाला है। गूगल मैप्स अब आपकी तरफ से खुद फूड ऑर्डर करने की क्षमता पर काम कर रहा है। इसका मतलब है कि आपको अलग से किसी फूड डिलीवरी ऐप पर जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि मैप्स से ही सीधे ऑर्डर किया जा सकेगा।
कहां मिले हैं इसके संकेत?
एंड्रॉयड ऐप के कोड में कुछ नए संकेत मिले हैं, जो इस फीचर के आने का इशारा करते हैं। गूगल मैप्स फॉर एंड्रॉयड के एक अपडेट में ‘आस्क मैप्स फूड ऑर्डरिंग प्रोमो’ जैसे टेक्स्ट पाए गए हैं। ये स्ट्रिंग्स बताती हैं कि कंपनी इस फीचर को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। लॉन्च के समय यूजर्स को इस नए फीचर के बारे में जानकारी दी जाएगी और उन्हें पहली बार इसे इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह संकेत बताते हैं कि गूगल इस फीचर को गंभीरता से ले रहा है और जल्द ही इसे पेश कर सकता है।
एआई आपके लिए कैसे करेगा फूड ऑर्डर?
फिलहाल गूगल की ओर से इस फीचर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए इसके काम करने का तरीका पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। हालांकि, यह माना जा रहा है कि यूजर गूगल मैप्स में सेव अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट से एआई की मदद से आसानी से ऑर्डर कर सकेगा। यह सुविधा जेमिनी एआई के क्लाउड मॉडल पर आधारित हो सकती है या फिर स्मार्टफोन में मौजूद एआई क्षमताओं का इस्तेमाल कर सकती है। एआई आपकी पसंद और पिछले ऑर्डर के आधार पर मेनू सुझा सकता है और ऑर्डर प्रक्रिया को आसान बना सकता है।
पेमेंट का फैसला इंसान के हाथ में रहेगा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भले ही एआई ऑर्डर तैयार करने में मदद करे, लेकिन पेमेंट की अंतिम मंजूरी यूजर को ही देनी होगी। सुरक्षा कारणों से गूगल या कोई अन्य कंपनी एआई को अपने आप भुगतान करने की अनुमति नहीं देगी। इसका मतलब है कि आपका पैसा सुरक्षित रहेगा और आप हर ऑर्डर को मंजूरी देने से पहले उसकी पुष्टि कर सकेंगे। यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है जो यूजर्स को धोखाधड़ी से बचाएगा।
क्या यह सुरक्षित होगा?
इस फीचर की सुरक्षा को लेकर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि रिपोर्ट्स में इसके साथ कुछ प्राइवेसी चिंताएं भी सामने आ रही हैं। अगर गूगल मैप्स यूजर की ओर से फूड ऑर्डर करेगा, तो कंपनी को उसकी ऑर्डर हिस्ट्री, पसंद और खर्च करने की आदतों जैसी अधिक जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा, यह आशंका भी जताई जा रही है कि जेमिनी एआई यूजर की व्यक्तिगत पसंद के बजाय हाई-रेटेड या स्पॉन्सर्ड रेस्टोरेंट को प्राथमिकता दे सकता है। एक और चिंता यह है कि अगर किसी व्यक्ति को यूजर के गूगल अकाउंट का एक्सेस मिल जाए, तो वह उसकी ओर से ऑर्डर भी प्लेस कर सकता है।
गूगल मैप्स में पहले से मौजूद हैं ये फीचर
गूगल मैप्स में पहले से ही कई स्मार्ट फीचर मौजूद हैं, जो एआई की मदद से काम करते हैं। इनमें शामिल हैं:
- रेस्टोरेंट सुझाव: आपकी लोकेशन और पसंद के आधार पर बेस्ट रेस्टोरेंट दिखाना
- बेहतर रूट प्लानिंग: ट्रैफिक के हिसाब से सबसे तेज रास्ता बताना
- स्थानीय जानकारी: आसपास के प्रमुख स्थानों और सेवाओं की जानकारी देना
अब अगर फूड ऑर्डरिंग फीचर जुड़ता है, तो यह ऐप सिर्फ रास्ता दिखाने वाला प्लेटफॉर्म नहीं रहेगा, बल्कि एक पूर्ण सेवा प्रदाता बन जाएगा।
अभी नहीं हुई आधिकारिक घोषणा
फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में दिखाई दिया है और गूगल ने इसकी लॉन्च डेट या उपलब्धता को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। अगर कंपनी इसे जारी करती है, तो गूगल मैप्स का उपयोग पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक हो सकता है, खासकर उन यूजर्स के लिए जो अक्सर अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट से ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं। हालांकि, इस फीचर के आने से पहले प्राइवेसी और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करना भी जरूरी होगा।