डिजिटल इंडिया को 11 साल: पीएम मोदी ने बताया कैसे बदली देश की तस्वीर

आज के समय में सरकारी सेवाएं घर बैठे मिल रही हैं, पैसे एक क्लिक में ट्रांसफर हो रहे हैं और गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंच चुका है। यह सब संभव हुआ है डिजिटल इंडिया अभियान के जरिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल के 11 वर्ष पूरे होने पर इसकी प्रमुख उपलब्धियों को साझा किया है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से देशवासियों को बधाई दी। 1 जुलाई 2015 को शुरू हुई डिजिटल इंडिया पहल ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी है। इस अभियान ने प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी, कुशल और सुलभ बनाया है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि आसान डिजिटल भुगतान और बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसे पहुंचाना इसकी सबसे बड़ी सफलता है।

कब हुई थी डिजिटल इंडिया की शुरुआत

इस अभियान की शुरुआत 1 जुलाई 2015 को देश में डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने, सरकारी सुविधाओं को ऑनलाइन लाने और हर नागरिक तक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज यह पहल सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल परिवर्तन की मजबूत नींव बन चुकी है।

डिजिटल इंडिया ने कैसे बदली देश की तस्वीर

प्रधानमंत्री के अनुसार, डिजिटल इंडिया ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाया है। अब कई सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे लोगों को लंबी कतारों और कागजी प्रक्रियाओं से काफी राहत मिली है।

यूपीआई ने दुनिया में बनाई भारत की नई पहचान

इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस को माना जा रहा है। आज भारत रियल-टाइम डिजिटल भुगतान के मामले में दुनिया में अग्रणी है। दुनिया भर में होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन का लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा यूपीआई के जरिए होता है। इससे डिजिटल भुगतान पहले से कहीं ज्यादा आसान, सुरक्षित और तेज हुआ है।

डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता

प्रधानमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी है।

गांवों तक पहुंची डिजिटल सेवा

सरकार के अनुसार, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार और सस्ते इंटरनेट की उपलब्धता ने गांवों, टियर-2 और टियर-3 शहरों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाई है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और सरकारी सेवाओं का लाभ दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंच सका है।

स्टार्टअप और इनोवेशन को मिली नई ताकत

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने देशभर के युवाओं, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को नए अवसर दिए हैं। आज भारत के अलग-अलग हिस्सों से युवा वैश्विक समस्याओं के तकनीकी समाधान तैयार कर रहे हैं।

एआई, सेमीकंडक्टर और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर बढ़ा फोकस

मोदी ने कहा कि सरकार की डिजिटल नीतियों की वजह से भारत अब आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI), सेमिकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे भविष्य में रोजगार, नवाचार और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे।

2015 से पहले और आज का अंतर

अधिकारियों के अनुसार, 2015 से पहले सरकारी सेवाओं के लिए लोगों को लंबी कतारों, कागजी दस्तावेजों और सीमित इंटरनेट सुविधाओं पर निर्भर रहना पड़ता था। डिजिटल इंडिया के बाद इंटरनेट एक्सेस बढ़ा, कई सेवाएं ऑनलाइन हुईं और आम नागरिकों के लिए सरकारी काम पहले से काफी आसान हो गए।

प्रधानमंत्री ने और क्या कहा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाया है तथा भारत को वैश्विक स्तर पर नई डिजिटल पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि जब एक अरब से अधिक लोग तकनीक को अपनाते हैं, तो उसका शानदार प्रभाव होता है। उनका यह भी कहना है कि आने वाले समय में सरकार ऐसी तकनीकों पर काम करती रहेगी, जो मानवता की सेवा करें, नागरिकों को सशक्त बनाएं और सतत विकास को गति दें।