बरसात में तेजी से बढ़ने वाले पौधे: गार्डनिंग के शौकीनों के लिए बेस्ट विकल्प
मानसून का मौसम सिर्फ भीषण गर्मी से राहत ही नहीं देता, बल्कि यह बागवानी शुरू करने के लिए भी सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। इस ऋतु में मिट्टी में नमी बनी रहती है और तापमान भी पौधों की वृद्धि के लिए अनुकूल होता है। यही कारण है कि फूलों, औषधीय पौधों और हरी सब्जियों को लगाने के लिए बारिश का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
अगर आपके पास बड़ा बगीचा नहीं है, तो भी कोई बात नहीं। आप बालकनी, छत या घर के किसी छोटे से कोने में गमलों में आसानी से पौधे उगा सकते हैं। सही पौधों का चुनाव करने के साथ-साथ उनकी देखभाल के तरीके जानना भी जरूरी है। अधिक पानी, जलभराव या धूप की कमी जैसी छोटी-सी गलती पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है।
अगर आप चाहते हैं कि इस मानसून में आपका घर हरियाली से भर जाए और पौधे लंबे समय तक स्वस्थ रहें, तो यहां बताए गए पौधे और बागवानी के सुझाव आपके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
बारिश के मौसम में लगाने के लिए सबसे अच्छे पौधे
मानसून की नमी और हल्का तापमान कई पौधों के लिए वरदान साबित होता है। यहां कुछ ऐसे पौधों की सूची दी गई है जो इस मौसम में तेजी से बढ़ते हैं:
- तुलसी: औषधीय गुणों से भरपूर यह पौधा घर के लिए शुभ माना जाता है और बारिश में अच्छी तरह पनपता है।
- गुड़हल: इसके बड़े और रंग-बिरंगे फूल किसी का भी ध्यान खींच लेते हैं। यह नमी वाले मौसम में खूब फूलता है।
- मोगरा: अपनी मनमोहक खुशबू के लिए मशहूर यह पौधा बारिश में तेजी से बढ़ता है और ढेर सारे फूल देता है।
- मनी प्लांट: यह कम देखभाल में भी हरा-भरा रहता है और इसे गमले या पानी में आसानी से उगाया जा सकता है।
- स्नेक प्लांट: यह कम रोशनी में भी जीवित रह सकता है और इसे बारिश के मौसम में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं होती।
- एलोवेरा: यह औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है और मानसून में इसकी देखभाल करना आसान होता है।
- पुदीना: किचन गार्डन के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है। बारिश में यह बहुत तेजी से फैलता है।
- धनिया: इसे गमले में लगाकर आप घर पर ही ताजी पत्तियां प्राप्त कर सकते हैं। मानसून में इसके बीज जल्दी अंकुरित होते हैं।
- लेमन ग्रास: चाय और औषधीय उपयोगों के लिए लोकप्रिय यह पौधा नमी वाले मौसम में बहुत अच्छी तरह बढ़ता है।
- पोथोस: इसे इनडोर और आउटडोर दोनों जगह आसानी से उगाया जा सकता है। यह कम रोशनी और अधिक नमी दोनों को सहन कर लेता है।
गमले और मिट्टी का सही चुनाव
पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए सबसे पहले गमले और मिट्टी का सही चुनाव करना जरूरी है। ऐसे गमलों का उपयोग करें जिनके नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद हों। मिट्टी तैयार करने के लिए बगीचे की मिट्टी, कम्पोस्ट और रेत या कोकोपीट का संतुलित मिश्रण बनाएं। इससे पानी आसानी से निकल जाएगा और जड़ों में सड़न नहीं होगी। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी मानसून में पौधों को स्वस्थ रखने की कुंजी है।
मानसून में पौधों की देखभाल कैसे करें?
बारिश के दिनों में पौधों को रोजाना पानी देने की जरूरत नहीं होती। पानी देने से पहले मिट्टी की नमी जांच लें, अगर मिट्टी गीली है तो पानी देने से बचें। सूखी या पीली पत्तियों को समय-समय पर हटाते रहें, इससे पौधे में नई पत्तियां आने को बढ़ावा मिलता है। पौधों को ऐसी जगह रखें जहां उन्हें पर्याप्त रोशनी और हवा मिलती रहे। अगर बारिश लगातार हो रही है, तो पौधों को कुछ समय के लिए छांव में रखा जा सकता है।
इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान
- गमले में पानी कभी जमा न होने दें, इससे जड़ें सड़ सकती हैं।
- जरूरत से ज्यादा खाद डालने से बचें, मानसून में पौधों को कम खाद की जरूरत होती है।
- पत्तियों पर फफूंद या कीट दिखने पर तुरंत उचित उपचार करें।
- पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखें ताकि हवा का संचार अच्छी तरह हो सके।
- तेज बारिश या आंधी में नाजुक पौधों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
- समय-समय पर गमले और मिट्टी की स्थिति की जांच करते रहें।