शिक्षा और एआई के भविष्य पर विशेष चर्चा: आईआईटी निदेशक समेत कई विशेषज्ञ होंगे शामिल
देहरादून में एक महत्वपूर्ण आयोजन में शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भविष्य की तकनीकों पर गहन मंथन होगा। इस चर्चा में देश के जाने-माने शिक्षाविद् और तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत, वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर और ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी तेजस्वी घनशाला इस पैनल में अपने विचार रखेंगे। यह सत्र शिक्षा जगत, उद्योग और तकनीक के बीच के तालमेल पर केंद्रित रहेगा।
डॉ. तृप्ता ठाकुर: तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गहरा अनुभव
डॉ. तृप्ता ठाकुर वर्तमान में देहरादून स्थित वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति हैं। वह राज्य में तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। यह विश्वविद्यालय उत्तराखंड सरकार द्वारा स्थापित एक प्रमुख तकनीकी संस्थान है, जिससे कई कॉलेज संबद्ध हैं। डॉ. ठाकुर ने फरीदाबाद स्थित राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान के महानिदेशक के रूप में भी कार्य किया है।
इससे पहले वह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, एमएएनआईटी भोपाल में विद्युत अभियांत्रिकी विभाग की प्रमुख और प्रोफेसर रह चुकी हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर से विद्युत इलेक्ट्रॉनिक्स में स्नातकोत्तर और आईआईटी दिल्ली से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। लगभग 34 वर्षों के शिक्षण और अनुसंधान अनुभव के साथ, उनके नाम लगभग 100 शोध प्रकाशन हैं। उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।
प्रो. के.के. पंत: अनुसंधान और नवाचार में अग्रणी
प्रो. कमल किशोर पंत अक्टूबर 2022 से आईआईटी रुड़की के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की है। इससे पहले वह आईआईटी दिल्ली में डीन फैकल्टी, केमिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं।
प्रो. पंत का शोध कार्य हरित प्रौद्योगिकी, कार्बन डाइऑक्साइड कैप्चर और रूपांतरण, बायोफ्यूल, बायोमास रूपांतरण, हाइड्रोजन ऊर्जा, ई-वेस्ट और प्लास्टिक प्रबंधन जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों पर केंद्रित है। वह राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी और भारतीय राष्ट्रीय इंजीनियरिंग अकादमी सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के फेलो हैं। उनकी विशेषज्ञता नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में अद्वितीय मानी जाती है।
तेजस्वी घनशाला: तकनीक और नवाचार में युवा नेतृत्व
तेजस्वी घनशाला ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वह कंप्यूटर साइंस के संकाय सदस्य होने के साथ-साथ उद्योग-शिक्षा जगत के बीच सेतु का काम भी करते हैं। ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय देश के प्रमुख निजी विश्वविद्यालयों में गिना जाता है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है।
पैनल चर्चा में तेजस्वी घनशाला तकनीकी उद्योग, डिजिटल परिवर्तन और एआई के व्यावहारिक उपयोग से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगे। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों को भविष्य की तकनीकी संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
शिक्षा और एआई के भविष्य पर केंद्रित चर्चा
यह विशेष सत्र शिक्षा, उद्योग और तकनीक के संगम पर केंद्रित रहेगा। पैनल में शामिल विशेषज्ञ यह बताएंगे कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा व्यवस्था, रोजगार के अवसरों, अनुसंधान और नवाचार को किस प्रकार प्रभावित कर रही है। इसके अलावा, भविष्य में विद्यार्थियों के लिए किन कौशलों की आवश्यकता होगी, इस पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
- प्रो. के.के. पंत अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एआई के उपयोग पर प्रकाश डालेंगे।
- डॉ. तृप्ता ठाकुर तकनीकी शिक्षा में बदलाव और नई पीढ़ी को तैयार करने की रणनीतियों पर बात करेंगी।
- तेजस्वी घनशाला उद्योग जगत में एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों और डिजिटल परिवर्तन के बारे में जानकारी देंगे।
यह आयोजन शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में रुचि रखने वाले सभी लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यहां विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और भविष्य की संभावनाओं को समझने का मौका मिलेगा। चर्चा में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि कैसे एआई शिक्षा के पारंपरिक ढांचे को बदल सकता है और छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार कर सकता है।