NEET UG 2026: एनटीए ने री-एग्जाम में लागू किए पांच बड़े बदलाव, जानिए हर अपडेट

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा के लिए कई अहम बदलावों की घोषणा की है। ये बदलाव छात्रों और शिक्षाविदों से मिले लंबे समय के सुझावों और फीडबैक के आधार पर किए गए हैं। एनटीए का कहना है कि इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना और उम्मीदवारों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है। इस बार छात्रों को पहले की तुलना में अधिक समय, बेहतर सुविधाएं और एक नई प्रश्न पुस्तिका का स्वरूप मिलेगा। आइए, इन पांच प्रमुख बदलावों को विस्तार से समझते हैं।

पहला बदलाव: परीक्षा केंद्र में प्रवेश का समय निर्धारित

इस वर्ष से परीक्षा केंद्र पर प्रवेश का समय सुबह 11:30 बजे से शुरू होगा। सभी अभ्यर्थियों को दोपहर 1:30 बजे तक केंद्र में प्रवेश करना अनिवार्य होगा। ठीक दोपहर 1:30 बजे केंद्र के दरवाजे बंद कर दिए जाएंगे। यह कदम परीक्षा की समय-सारिणी को व्यवस्थित रखने और देरी से आने वाले छात्रों की समस्या को हल करने के लिए उठाया गया है।

दूसरा बदलाव: परीक्षा की अवधि में वृद्धि

एनटीए ने परीक्षा की कुल अवधि में 15 मिनट का इजाफा किया है। पहले जहां NEET UG के लिए 180 मिनट का समय दिया जाता था, वहीं अब यह बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। नए कार्यक्रम के अनुसार, परीक्षा दोपहर 2:00 बजे शुरू होगी और शाम 5:15 बजे समाप्त होगी। यह अतिरिक्त समय इसलिए जोड़ा गया है ताकि उपस्थिति दर्ज करने, औपचारिकताएं पूरी करने और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं का असर छात्रों के वास्तविक परीक्षा समय पर न पड़े। एनटीए का मानना है कि इससे अभ्यर्थी बिना किसी दबाव के प्रश्नों को हल कर पाएंगे।

तीसरा बदलाव: रफ वर्क के लिए अतिरिक्त पृष्ठ

रफ वर्क की सुविधा को बेहतर बनाते हुए एजेंसी ने इसमें बड़ा बदलाव किया है। अब तक प्रश्न पुस्तिका में रफ कार्य के लिए केवल दो पृष्ठ उपलब्ध थे, लेकिन नई व्यवस्था में अभ्यर्थियों को चार पृष्ठ दिए जाएंगे। यह बदलाव विशेष रूप से उन छात्रों के लिए राहत भरा है, जिन्हें जटिल गणनाओं, रेखाचित्रों या अन्य सहायक कार्यों के लिए अधिक स्थान की आवश्यकता होती है। इससे उन्हें अपने विचारों को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

चौथा बदलाव: प्रश्न पुस्तिका के लेआउट में संशोधन

प्रश्न पुस्तिका के स्वरूप में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले रफ वर्क के सभी पृष्ठ पुस्तिका के अंत में होते थे, जिसे कई छात्रों, खासकर बाएं हाथ से लिखने वालों ने असुविधाजनक बताया था। अब छात्रों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए, रफ वर्क के दो पृष्ठ निर्देशों वाले पृष्ठ के तुरंत बाद शुरुआत में दिए जाएंगे। वहीं, दो अतिरिक्त पृष्ठ पहले की तरह पुस्तिका के अंत में उपलब्ध रहेंगे। यह नई व्यवस्था अंग्रेजी समेत सभी क्षेत्रीय भाषाओं की प्रश्न पुस्तिकाओं पर समान रूप से लागू होगी।

पांचवां बदलाव: केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं का प्रबंध

छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों पर पावर बैकअप और ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। हालांकि, छात्र अपने साथ पारदर्शी पानी की बोतल ले जा सकते हैं। इसके अलावा, मधुमेह (डायबिटीज) के रोगियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि वे परीक्षा के दौरान किसी भी परेशानी का सामना न करें।

छात्र-अनुकूल दृष्टिकोण और सुरक्षा मानक

एनटीए का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में छोटे-छोटे सुधार भी उम्मीदवारों के अनुभव को बेहतर बना सकते हैं। इसी सोच के तहत ये सभी बदलाव लागू किए गए हैं। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता, सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़े मानकों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। परीक्षा संचालन की विश्वसनीयता पहले की तरह बरकरार रहेगी और सभी प्रक्रियाएं सख्ती से लागू की जाएंगी।

अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक सुझाव

एनटीए ने सभी उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से पहले अपने एडमिट कार्ड और सूचना बुलेटिन में दिए गए सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें। परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के दिशा-निर्देशों का पालन करना भी अनिवार्य होगा, ताकि परीक्षा का आयोजन सुचारू और व्यवस्थित तरीके से हो सके। एजेंसी ने कहा है कि उम्मीदवारों का सहयोग परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए।