NEET पुनः परीक्षा 2026: छात्रों ने बताया किस विषय ने लिया मेहनत, कौन सा रहा आसान
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नीट यूजी पुनः परीक्षा 21 जून 2026 को देश और विदेश के कुल 5,440 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस परीक्षा में देशभर से लगभग 22.79 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से करीब 20 लाख परीक्षार्थी उपस्थित हुए। पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित इस परीक्षा का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक रखा गया था। भारत के 551 शहरों के अलावा विदेशों में 14 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले।
परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों ने बताया कि इस बार का पेपर समग्र रूप से मध्यम स्तर का था। हालांकि, फिजिक्स और कैमिस्ट्री के प्रश्नों ने कई अभ्यर्थियों को खासा परेशान किया, वहीं बायोलॉजी का सेक्शन तुलनात्मक रूप से आसान रहा। आइए जानते हैं विभिन्न शहरों से आई छात्र प्रतिक्रियाएं।
परीक्षा पैटर्न और अंक विभाजन
नीट यूजी 2026 के प्रश्न पत्र में कुल 180 प्रश्न पूछे गए थे, जो तीन विषयों पर आधारित थे। फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी से पूछे गए इन सवालों का कुल अंक 720 था। बायोलॉजी में जूटॉलजी और बॉटनी दोनों के प्रश्न शामिल थे। छात्रों को प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक दिए गए, जबकि गलत उत्तर पर 1 अंक की नकारात्मक अंकन प्रणाली लागू थी।
फिजिक्स ने कसा तन, बायोलॉजी ने दी राहत
परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही छात्रों की पहली प्रतिक्रिया फिजिक्स को लेकर थी। अधिकांश अभ्यर्थियों ने भौतिक विज्ञान को सबसे कठिन विषय बताया। श्रीनगर के एक छात्र ने कहा, “मेरी तैयारी अच्छी थी और पेपर अच्छा रहा, लेकिन फिजिक्स थोड़ी कठिन रही। कुल मिलाकर परीक्षा का स्तर ठीक था।” महाराष्ट्र के पुणे में एक अभ्यर्थी ने बताया, “परीक्षा आसान थी, लेकिन फिजिक्स मुश्किल थी। फॉर्मूला आधारित कई सवाल पूछे गए थे। इस बार सुरक्षा जांच पहले से सख्त थी और मेटल डिटेक्टर का भी इस्तेमाल हुआ।”
केरल के तिरुवनंतपुरम में एक छात्र ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “परीक्षा कठिन थी। पेपर मध्यम से कठिन स्तर का रहा। फिजिक्स ने सबसे ज्यादा परेशान किया। केमिस्ट्री को हल किया जा सकता था, लेकिन उसमें काफी समय लगा। बायोलॉजी तुलनात्मक रूप से आसान थी और इसे हल करने में मजा आया।” रांची के एक अभ्यर्थी ने बताया, “पेपर आसान से मध्यम स्तर का था। बायोलॉजी आसान थी, केमिस्ट्री मध्यम रही और फिजिक्स पिछली बार की तुलना में ज्यादा मुश्किल थी।”
केमिस्ट्री और फिजिक्स की जोड़ी ने छुड़ाए पसीने
चेन्नई के एक छात्र ने कहा, “बायोलॉजी ठीक थी, लेकिन फिजिक्स और केमिस्ट्री दोनों कठिन थीं। पहली बार नीट की परीक्षा आसान थी, लेकिन इस बार का पेपर पहले से कठिन लगा।” पश्चिम बंगाल के एक अभ्यर्थी ने बताया, “पेपर अच्छा था। बायोलॉजी आसान थी, जबकि फिजिक्स और केमिस्ट्री मध्यम स्तर की थीं। फिर भी, पिछली बार का पेपर इससे बेहतर था।” चेन्नई के ही एक अन्य छात्र तरुण ने कहा, “मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है, लेकिन सही परिणाम आने पर ही पता चलेगा। यह परीक्षा निश्चित रूप से पिछली बार से कठिन थी।”
दिल्ली और नागपुर के छात्रों की राय
दिल्ली के एक अभ्यर्थी ने कहा, “पेपर पिछली बार की तुलना में थोड़ा कठिन था। यह मेरा पहला प्रयास था और मुझे लगभग 500 अंक मिलने की उम्मीद है। परीक्षा केंद्र पर व्यवस्थाएं ठीक थीं।” एक अन्य दिल्ली की छात्रा ने बताया, “पेपर कुल मिलाकर मध्यम स्तर का था। फिजिक्स काफी लंबी थी और इसमें समय ज्यादा लगा। यह पिछली बार से थोड़ा कठिन था। बायोलॉजी अच्छी रही और केमिस्ट्री मध्यम स्तर की थी।”
महाराष्ट्र के नागपुर में परीक्षा देने के बाद छात्राओं ने कहा, “पेपर ठीक था और अच्छा रहा। बायोलॉजी आसान थी, ऑर्गेनिक केमिस्ट्री भी आसान थी, लेकिन फिजिक्स थोड़ी मुश्किल लगी।” विभिन्न राज्यों से आई प्रतिक्रियाओं में एक समानता यह देखी गई कि फिजिक्स को अधिकांश छात्रों ने चुनौतीपूर्ण पाया, जबकि बायोलॉजी ने उन्हें राहत प्रदान की।
अब आगे की प्रक्रिया
परीक्षा समाप्त होने के साथ ही अब सभी अभ्यर्थियों की निगाहें परिणाम पर टिक गई हैं। इसी रिजल्ट के आधार पर देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। एनटीए परिणाम के साथ-साथ श्रेणीवार कट-ऑफ अंक और ऑल इंडिया रैंक भी जारी करेगा। इसके बाद काउंसलिंग और सीट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी, जो मेडिकल शिक्षा के सपने को साकार करने की दिशा में अगला कदम होगी।