नीट यूजी पुनर्परीक्षा: केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था पर कसा शिकंजा

केंद्र सरकार ने नीट यूजी पुनर्परीक्षा 2026 के आयोजन को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। हाल ही में सामने आए पेपर लीक के मामलों के बाद, गृह सचिव गोविंद मोहन ने सोमवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में राज्यों और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और परीक्षा की सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की।

गृह सचिव का सख्त संदेश: कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बैठक में गृह सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुनर्परीक्षा के संचालन में किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही को बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा। सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। जिन केंद्रों पर पिछली बार गड़बड़ी सामने आई थी, वहां पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है।

छात्र सुविधाओं पर विशेष ध्यान

गृह मंत्रालय ने राज्यों को निर्देशित किया कि वे छात्रों की सुविधा का पूरा ध्यान रखें। परीक्षा के दिन किसी भी छात्र को यातायात या अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी परेशानी न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने इस संबंध में आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी और यात्रा के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।

सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त रणनीति

बैठक में कई मंत्रालयों और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, डाक विभाग, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, रक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल थे। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक भी इस बैठक में मौजूद रहे।

अधिकारियों ने प्रश्न पत्रों की सुरक्षित ढुलाई, परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और संभावित गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार किया। केंद्रीय सुरक्षा बलों की भागीदारी से साफ है कि सरकार परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

पेपर लीक विवाद के बाद बहाली की कोशिश

यह समीक्षा बैठक नीट यूजी पेपर लीक विवाद के बाद बुलाई गई थी। इस विवाद ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए और छात्रों ने जवाबदेही तय करने की मांग की।

गृह सचिव की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों का भरोसा बहाल करना था। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पुनर्परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी, जिससे किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।

परीक्षा प्रक्रिया और उसके प्रभाव

नीट यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसके माध्यम से स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। इस परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का सीधा असर लाखों छात्रों के भविष्य और पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर पड़ता है।

पेपर लीक की घटना के बाद 3 मई को होने वाली परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। तब देशभर के 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर लगभग 22 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। इसके बाद एनटीए ने नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित करने का फैसला किया। हालांकि, पुनर्परीक्षा के इस निर्णय से कई छात्रों में निराशा भी देखी गई, लेकिन सरकार का मानना है कि यह कदम परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

  • गृह सचिव ने सभी एजेंसियों को दोषरहित परीक्षा संचालन के निर्देश दिए हैं।
  • परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और प्रश्न पत्रों की सुरक्षित ढुलाई सुनिश्चित की जाएगी।
  • छात्रों की यात्रा और अन्य सुविधाओं के लिए रेलवे द्वारा विशेष व्यवस्था की जाएगी।
  • केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती से परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।