सीबीएसई री-इवैल्यूएशन पोर्टल में साइबर हमले की आशंका, फीस में बड़ी गड़बड़ी सामने आई
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के री-इवैल्यूएशन पोर्टल को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस पोर्टल के भुगतान तंत्र पर एक दुर्भावनापूर्ण हमला हुआ, जिसके चलते लगभग 50 छात्रों को बिना अधिकार के सिस्टम तक पहुंच प्राप्त हो गई। इसी घटना के कारण पोर्टल पर फीस से जुड़ी असामान्य और भ्रामक गड़बड़ियां देखने को मिलीं।
फीस में अजीबोगरीब उतार-चढ़ाव
सूत्रों ने बताया कि कई छात्रों के लिए पोर्टल पर देय राशि में अजीब उतार-चढ़ाव देखा गया। कभी यह राशि मात्र 1 रुपये दिखाई देती थी, तो कभी बढ़कर 67 से 68 हजार रुपये तक पहुंच जाती थी। यह समस्या एचडीएफसी बैंक के भुगतान गेटवे से जुड़ी बताई गई, जो सीबीएसई के इस पोर्टल से एकीकृत था। एक अधिकारी ने संभावना जताई कि शायद किसी ने मजाक या दुर्भावना के चलते सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की, जिससे लगभग 50 छात्रों के फीस वाले हिस्से में बदलाव आया।
पोर्टल का संचालन रहा बाधित
जब पोर्टल को लाइव किया गया, उसी समय से ये तकनीकी खामियां सामने आने लगीं। कुछ समय के लिए पोर्टल ने ठीक से काम करना बंद कर दिया था। अधिकारियों का मानना है कि कुछ लोगों ने सिस्टम में सेंध लगाकर भुगतान खंड में हेरफेर करने का प्रयास किया। इस घटना ने पोर्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम
इस पूरे मामले के बाद सीबीएसई ने भुगतान प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने का फैसला लिया है। अब पोर्टल पर चार सरकारी बैंकों के भुगतान गेटवे को भी शामिल किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
- केनरा बैंक
- इंडियन बैंक
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र
इन बैंकों के गेटवे को अब पोर्टल से जोड़कर भुगतान विकल्पों को विविध और सुरक्षित बनाया जा रहा है।
विशेषज्ञ टीम कर रही जांच
सूत्रों के अनुसार, अब आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ मिलकर पूरे सिस्टम की बारीकी से जांच कर रहे हैं। यह टीम पोर्टल के कोड और भुगतान एकीकरण की समीक्षा कर रही है, ताकि सिस्टम को पूरी तरह से सुरक्षित और त्रुटिहीन बनाया जा सके।
शीर्ष स्तर पर हुई चर्चा
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 24 मई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बातचीत की। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सरकारी बैंक सीबीएसई के भुगतान गेटवे सिस्टम को सुदृढ़ बनाने में सहायता करेंगे।
तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिए बदलाव
पहले पोर्टल पर स्टोरेज और तकनीकी क्षमता से जुड़ी समस्याएं आ रही थीं। इसे देखते हुए पूरे सिस्टम को अमेज़न वेब सर्विसेज़ (AWS) पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य अधिक ट्रैफिक और तकनीकी दबाव को बेहतर ढंग से संभालना है, जिससे भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो।