संवाद 2026: आईआईएम निदेशक करेंगे एआई कैंपस और शिक्षा के भविष्य पर चर्चा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 19 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है, जहां शिक्षा, राजनीति, सिनेमा और खेल जगत की प्रमुख हस्तियां एक मंच पर आएंगी। इस आयोजन में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ के निदेशक प्रो. मनमोहन प्रसाद गुप्ता भी शामिल होंगे। वे विशेष रूप से एआई कैंपस और समकालीन शिक्षा के मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे।

प्रो. मनमोहन प्रसाद गुप्ता का शैक्षणिक सफर

प्रो. गुप्ता ने 23 अप्रैल 2025 को आईआईएम लखनऊ के निदेशक का पदभार ग्रहण किया। इससे पहले वे आईआईटी दिल्ली में प्रबंधन विभाग के प्रमुख (2016-2019) और डीन (योजना) (2015-2016) जैसी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उनका लंबा अनुभव शिक्षा जगत में नई तकनीकों को लागू करने और प्रबंधन शिक्षा को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।

ई-गवर्नेंस और डिजिटल इंडिया में योगदान

प्रो. गुप्ता ने ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने भारत में डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने के लिए कई केस स्टडी, टूल्स और मॉडल विकसित किए हैं। उनके मार्गदर्शन में 38 पीएचडी शोध छात्रों ने अपनी डिग्री पूरी की है, और वे 26 से अधिक शोध परियोजनाओं में शामिल रहे हैं। ‘गवर्नमेंट ऑनलाइन’, ‘टुवर्ड्स ई-गवर्नमेंट’ और ‘प्रॉमिस ऑफ ई-गवर्नेंस’ जैसी पुस्तकों में उनका योगदान विशेष उल्लेखनीय है। देश-विदेश की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं और सम्मेलनों में उनके 250 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।

भारत-यूरोपीय संघ डिजिटल साझेदारी में अग्रणी भूमिका

प्रो. गुप्ता भारत सरकार के डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सिटी कार्यक्रमों की लगातार निगरानी और अध्ययन करते रहे हैं। उनके शोध कार्यों ने देश की साइबर सुरक्षा नीति को मजबूत करने में मदद की है। वे यूरोपीय संघ द्वारा वित्तपोषित एक अंतरराष्ट्रीय परियोजना ‘फ्यूचर इंटरनेट एंड इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ईयू-इंडिया कोऑपरेशन प्लेटफॉर्म’ का नेतृत्व कर रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच स्मार्ट सिटी और भविष्य की इंटरनेट तकनीक के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है।

उनके प्रयासों से भारत में FIWARE तकनीक को लागू करने में मदद मिली, जिसे अब विश्व बैंक द्वारा कुछ स्मार्ट सिटी पायलट प्रोजेक्ट्स में शामिल किया जा रहा है। FIWARE एक आधुनिक मिडलवेयर प्लेटफॉर्म है, जिसे यूरोपीय टेक कंपनियों ने विकसित किया है। उन्होंने आईआईटी दिल्ली में ‘स्मार्ट कैंपस@आईआईटीडी’ पर एक रिपोर्ट तैयार की, जिसे 2015 में फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेले के दौरान आयोजित एनईएम समिट में काफी सराहना मिली थी।

सम्मान और पुरस्कार

प्रो. गुप्ता केंद्र और राज्य सरकारों की कई सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) नीति-निर्माण समितियों में शामिल रहे हैं। वे डिजिटल इंडिया अवार्ड्स, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार, डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया और कंप्यूटर सोसायटी ऑफ इंडिया जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों की जूरी में भी अपनी भूमिका निभाते हैं। उन्हें 1996 में शास्त्री इंडो कैनेडियन इंस्टीट्यूट, कैलगरी द्वारा मानविकी और सामाजिक विज्ञान फैलोशिप से सम्मानित किया गया था। वे मैनिटोबा विश्वविद्यालय में विजिटिंग फेलो भी रह चुके हैं। 2012 में विश्व शिक्षा कांग्रेस और सीएमओ एशिया द्वारा उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रोफेसर पुरस्कार से नवाजा गया था।

संवाद में चर्चा के मुख्य मुद्दे

इस आयोजन में एआई आधारित स्मार्ट शिक्षा और इंटेलिजेंट कैंपस पर विशेष चर्चा होगी। मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर बातचीत होगी:

  • एआई के उपयोग से शिक्षा को अधिक व्यक्तिगत और सुलभ बनाना
  • ऑनलाइन शिक्षा को बेहतर बनाने में एआई की भूमिका
  • परीक्षा प्रणाली को तेज, पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए एआई का उपयोग
  • कैंपस में स्मार्ट क्लासरूम, सुरक्षा व्यवस्था, उपस्थिति प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों को एआई से स्वचालित करना
  • शिक्षण संस्थानों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की रणनीति

यह आयोजन शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहां विशेषज्ञ एआई और स्मार्ट तकनीकों के माध्यम से शिक्षा के भविष्य को आकार देने पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रो. गुप्ता का अनुभव और दृष्टिकोण इस चर्चा को नई दिशा देने में सहायक होगा।