एनटीए में बड़ा पुनर्गठन: परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति और सीटीओ-सीएफओ पदों पर भर्ती
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए व्यापक सुधारों की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य हाल के विवादों के बाद संस्थागत ढांचे को मजबूत करना है। एजेंसी ने मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के अनुरूप पिछले कुछ हफ्तों में नेतृत्व, तकनीकी व्यवस्था और निगरानी तंत्र को बेहतर बनाने पर काम किया गया है।
चार वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती
एनटीए में केंद्र सरकार के चार वरिष्ठ अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। इनमें दो अधिकारी संयुक्त सचिव स्तर के हैं, जिन्हें अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) का दर्जा दिया जाएगा, जबकि दो अधिकारी निदेशक स्तर के हैं। एजेंसी के अनुसार, इन अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति से परीक्षा संचालन में दक्षता बढ़ेगी और प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।
तीन प्रमुख विशेषज्ञ पदों पर भर्ती
एजेंसी ने तीन विशेषज्ञ नेतृत्व पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO): इस अधिकारी की मुख्य जिम्मेदारी परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना होगी। इसमें डिजिटल परीक्षा प्रणाली, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी व्यवस्थाओं की देखरेख शामिल है।
- चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO): यह अधिकारी परीक्षा से जुड़े वित्तीय प्रबंधन, लेखा प्रणाली और ऑडिट संबंधी कार्यों को संभालेगा।
- जनरल मैनेजर-ह्यूमन रिसोर्स (GM-HR): इस पद पर नियुक्त अधिकारी एजेंसी के कर्मचारियों के प्रबंधन, प्रशिक्षण, मानव संसाधन नीति और कार्य संस्कृति में सुधार पर ध्यान केंद्रित करेगा।
परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुधार
सुधार कार्यक्रम के तहत प्रश्नपत्र तैयार करने, मुद्रण और लॉजिस्टिक्स प्रक्रियाओं में तकनीकी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। एजेंसी ने बताया कि एआई-आधारित निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, डेटा एनालिटिक्स और निरंतर मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक प्रणालियां लागू की जाएंगी। इसके अलावा, उम्मीदवारों की शिकायतों के समाधान और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए संवाद व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
एनटीए ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया शिक्षा मंत्रालय और उच्च शिक्षा विभाग की देखरेख में क्रियान्वित की जा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य देशभर में आयोजित होने वाली बड़ी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ाना है, ताकि छात्रों और शिक्षण संस्थानों का भरोसा बहाल किया जा सके।