नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई का शिकंजा, दो और गिरफ्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले में अपनी जांच को और विस्तार देते हुए दो नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही, एजेंसी ने महाराष्ट्र के लातूर से एक सेवानिवृत्त कॉलेज प्रोफेसर को भी हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी अब राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों और प्रश्नपत्र मुद्रण प्रक्रिया से जुड़े संस्थानों के कर्मचारियों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही है।
गिरफ्तारियां और छापेमारी
सीबीआई ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडा और पुणे से मनीषा वाघमारे नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के अलावा, पिछले 24 घंटों में देशभर के 14 विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक के मूल स्रोत तक पहुंचना है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में कुछ सरकारी कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है।
पहले से गिरफ्तार आरोपी
इससे पहले, सीबीआई जयपुर से मांगिलाल बीवाल, विकास बीवाल और दिनेश बीवाल को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, गुरुग्राम के यश यादव और नासिक के शुभम खैरनार को भी हिरासत में लिया गया था। जांच में सामने आया है कि शुभम खैरनार ने यश यादव को सूचित किया था कि मांगिलाल बीवाल अपने छोटे बेटे के लिए लीक हुए प्रश्नपत्र के बदले 10 से 12 लाख रुपये देने को तैयार हैं।
प्रश्नपत्रों का वितरण और डिजिटल सबूत
आरोप है कि खैरनार ने यादव को लगभग 500 से 600 प्रश्न उपलब्ध कराए थे, जिनमें से कई वास्तविक परीक्षा में पूछे गए थे। सीबीआई के अनुसार, मांगिलाल बीवाल ने यही प्रश्नपत्र अपने बेटे और अन्य रिश्तेदारों में भी वितरित किया था। एजेंसी को डिजिटल उपकरणों की जांच में कई चैट, लीक प्रश्नपत्र और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं। अब इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर डिलीट किए गए डेटा को भी रिकवर किया जाएगा।
लातूर कोचिंग हब से जुड़ा मामला
महाराष्ट्र के लातूर में भी जांच तेज हो गई है, जिसे कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। यहां एक छात्र के अभिभावक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक निजी कोचिंग संस्थान द्वारा आयोजित मॉक टेस्ट के 42 प्रश्न नीट परीक्षा में पूछे गए सवालों से मेल खाते थे। इस शिकायत के बाद सीबीआई ने लातूर के एक कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक को हिरासत में लिया है। हालांकि, एजेंसी ने अभी उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। इससे पहले, लातूर पुलिस कोचिंग स्टाफ, काउंसलर और छात्रों सहित छह लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
परीक्षा और विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी थी। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने भी दावा किया था कि परीक्षा से पहले प्रसारित एक “गेस पेपर” के लगभग 120 सवाल वास्तविक परीक्षा में आए थे। सीबीआई अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें कोचिंग संस्थानों से लेकर प्रिंटिंग प्रेस और एनटीए के अधिकारियों तक की भूमिका शामिल है।