महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं का परिणाम 2026: 89.79% छात्र सफल, लड़कियों ने फिर बनाई बढ़त

महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) ने कक्षा 12वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष राज्य भर में कुल 89.79 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। बोर्ड अध्यक्ष त्रिगुण कुलकर्णी ने शनिवार दोपहर को यह घोषणा की, जिसके बाद छात्र अपने अंक ऑनलाइन देख सकते हैं।

परीक्षा का आयोजन 10 फरवरी से 18 मार्च 2026 के बीच किया गया था, जिसमें राज्यभर के लाखों विद्यार्थी शामिल हुए। बोर्ड ने परिणाम प्रकाशित करने के लिए कई डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराए हैं, ताकि छात्र बिना किसी बाधा के अपना स्कोर देख सकें।

लड़कियों का प्रदर्शन रहा शानदार

इस वर्ष भी छात्राओं ने अपने समकक्ष छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.15% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 86.80% दर्ज किया गया। दोनों के बीच 6.35% का अंतर देखने को मिला, जो पिछले कुछ वर्षों के रुझान के अनुरूप है।

पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह स्पष्ट होता है कि लड़कियां लगातार बेहतर परिणाम दे रही हैं:

  • वर्ष 2025: लड़कियां 94.58%, लड़के 89.51%
  • वर्ष 2024: लड़कियां 95.44%, लड़के 91.60%
  • वर्ष 2023: लड़कियां 93.73%, लड़के 89.14%

परिणाम देखने के तरीके

छात्र अपना रिजल्ट कई प्लेटफॉर्म के जरिए देख सकते हैं। इससे वेबसाइट पर अत्यधिक लोड के बावजूद सुविधा बनी रहती है। आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर छात्र आसानी से अपना परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

रिजल्ट चेक करने की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • “HSC Examination February 2026 Result” नामक लिंक पर जाएं।
  • अपना सीट नंबर और माता का पहला नाम दर्ज करें। (यदि नाम उपलब्ध न हो तो XXX लिखें)
  • “View Result” बटन पर क्लिक करें।
  • स्क्रीन पर दिखाई देने वाले परिणाम को डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है।

डिजिटल माध्यमों से भी मिलेगी सुविधा

बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए डिजीलॉकर और उमंग ऐप के जरिए भी डिजिटल मार्कशीट उपलब्ध कराई है। इसके अलावा, एसएमएस सेवा के माध्यम से भी परिणाम देखा जा सकता है। ये सभी विकल्प इसलिए दिए गए हैं ताकि अधिक संख्या में छात्र एक साथ रिजल्ट देख सकें और किसी को असुविधा न हो।

कुल मिलाकर, इस वर्ष का परिणाम संतोषजनक रहा है। एक बार फिर यह साबित हुआ है कि राज्य की छात्राएं शैक्षणिक क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और वे पिछले कई वर्षों से अपनी इस बढ़त को बनाए हुए हैं।