हरियाणा आरटीई 2026: सीट आवंटन परिणाम घोषित, 21,752 छात्रों को निजी स्कूलों में मिला प्रवेश

हरियाणा के विद्यालय शिक्षा विभाग ने शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत वर्ष 2026 के लिए सीट आवंटन परिणाम जारी कर दिए हैं। इस प्रक्रिया के तहत राज्य भर के निजी स्कूलों में नर्सरी से लेकर कक्षा 1 तक के लिए प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। कुल 21,752 छात्रों को विभिन्न निजी विद्यालयों में सीटें आवंटित की गई हैं। यह पूरी सूची विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है, जहां अभिभावक अपने आवेदन आईडी के माध्यम से परिणाम देख सकते हैं।

चयन प्रक्रिया और आवेदन आंकड़े

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यह आवंटन पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया गया है। इस वर्ष कुल 31,009 छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया था। इनमें से 21,752 छात्रों को सीटें मिली हैं, जबकि 9,257 छात्र अभी भी आवंटन से वंचित रह गए हैं। समग्र आवंटन दर 70.1 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रखने के लिए एक समिति द्वारा इसकी निगरानी की गई है।

कक्षावार आवंटन का विवरण

विभिन्न कक्षाओं के लिए आवंटन के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • नर्सरी: लॉटरी में शामिल 13,308 छात्रों में से 10,880 को सीट मिली। आवंटन दर 81.8 प्रतिशत रही।
  • एलकेजी: 4,602 आवेदकों में से केवल 1,283 को प्रवेश मिला। आवंटन दर 27.9 प्रतिशत रही।
  • यूकेजी: 4,561 छात्रों में से 1,909 को सीट आवंटित हुई। आवंटन दर 41.9 प्रतिशत दर्ज की गई।
  • कक्षा 1: 8,538 आवेदकों में से 7,680 को प्रवेश मिला। यहां आवंटन दर सबसे अधिक 90 प्रतिशत रही।

विकल्प-वार आवंटन वितरण

अभिभावकों द्वारा चुने गए विकल्पों के आधार पर आवंटन का वितरण इस प्रकार रहा:

  • पहले विकल्प पर 69 प्रतिशत छात्रों (15,013) को सीट मिली।
  • दूसरे विकल्प पर 15.6 प्रतिशत (3,389) छात्रों को आवंटन हुआ।
  • तीसरे विकल्प पर 7.6 प्रतिशत (1,646) छात्रों को प्रवेश मिला।
  • चौथे से लेकर 31वें विकल्प तक शेष छात्रों को आवंटन किया गया, जिनका प्रतिशत क्रमशः घटता गया।

महत्वपूर्ण जानकारी और सावधानियां

यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यह आवंटन अंतिम नहीं है। प्रवेश तभी पक्का माना जाएगा जब अभिभावक आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित स्कूल में उपस्थित होंगे और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करेंगे। यदि किसी भी दस्तावेज में गड़बड़ी या असंगति पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी का निर्णय अंतिम माना जाएगा। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि उनके बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित हो सके।