शिक्षा मंत्री ने NCERT पाठ्यपुस्तकों के उत्पादन और वितरण की ली समीक्षा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के उत्पादन और वितरण प्रक्रिया की गहन समीक्षा की। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुस्तकों की आपूर्ति में किसी भी प्रकार का विलंब न हो, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों तक इन्हें समय पर पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी

शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार भी इस समीक्षा बैठक में उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य चालू शैक्षणिक सत्र के लिए पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, मुद्रण और वितरण तंत्र की मौजूदा स्थिति को समझना था।

पुस्तकों की उपलब्धता और डिजिटल विकल्प पर बल

मंत्रालय के अनुसार, शिक्षा मंत्री ने एनसीईआरटी की नई पुस्तकों की तैयारी का जायजा लिया और राज्यों में उपलब्ध स्टॉक की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि राज्य सरकारों और वितरण एजेंसियों के बीच समन्वय सुचारू रूप से काम करे, जिससे दूरदराज के गाँवों तक भी पुस्तकें बिना देरी पहुँच सकें।

  • मंत्री ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी को पुस्तकों के विलंब से होने वाली असुविधा का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए।
  • उन्होंने आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त मुद्रण कराने और संपूर्ण वितरण प्रक्रिया की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से पढ़ाई जारी रखने की सुविधा

शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि ई-पाठशाला ऐप पर सभी एनसीईआरटी पुस्तकों के डिजिटल संस्करण उपलब्ध हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब तक सभी छात्रों को भौतिक पुस्तकें नहीं मिल जातीं, तब तक उनकी पढ़ाई में कोई व्यवधान न आए। यह कदम शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने के लिए एक प्रभावी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।