UCEED 2026: पहले दौर की सीट आवंटन प्रक्रिया शुरू, यहां जानें पूरी जानकारी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे ने अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिजाइन (UCEED) 2026 के लिए पहले दौर का सीट आवंटन जारी कर दिया है। यह आवंटन 21 अप्रैल 2026 को किया गया है, और अब सभी पात्र उम्मीदवार अपने आवंटन की स्थिति की जांच कर सकते हैं। जिन अभ्यर्थियों को सीट मिली है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर शुल्क जमा करना अनिवार्य है, अन्यथा उनकी सीट रद्द हो सकती है।
किन संस्थानों में मिलेगा प्रवेश?
यह सीट आवंटन प्रक्रिया देश के सात प्रतिष्ठित संस्थानों में बैचलर ऑफ डिजाइन (B.Des) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जा रही है। इन संस्थानों की सूची निम्नलिखित है:
- आईआईटी बॉम्बे
- आईआईटी दिल्ली
- आईआईटी गुवाहाटी
- आईआईटी हैदराबाद
- आईआईटी इंदौर
- आईआईटी रुड़की
- आईआईआईटीडीएम जबलपुर
सीट मिलने के बाद उठाए जाने वाले कदम
जिन उम्मीदवारों को पहले दौर में सीट आवंटित की गई है, उन्हें तुरंत अपने आवंटन पत्र की जांच करनी चाहिए। इसके बाद, उन्हें निर्धारित तिथि तक सीट स्वीकृति शुल्क जमा करना होगा। यदि समय पर शुल्क का भुगतान नहीं किया गया, तो सीट स्वतः रद्द हो जाएगी और उसे अगले दौर के लिए अन्य उम्मीदवारों को आवंटित किया जाएगा।
फ्रीज और फ्लोट विकल्पों को समझें
सीट आवंटन प्रक्रिया में उम्मीदवारों को दो महत्वपूर्ण विकल्प दिए जाते हैं: फ्रीज और फ्लोट। इन विकल्पों का सही चुनाव करना बेहद जरूरी है।
- पहली पसंद की सीट मिलने पर: यदि किसी उम्मीदवार को अपनी सबसे पसंदीदा संस्थान और पाठ्यक्रम मिल गया है, तो वह सीट को ‘फ्रीज’ कर सकता है या इसे अस्वीकार (डिक्लाइन) कर सकता है। फ्रीज करने का मतलब है कि वह इस सीट पर अपना प्रवेश पक्का कर रहा है और आगे के किसी भी दौर में भाग नहीं लेगा।
- अन्य विकल्प मिलने पर: यदि उम्मीदवार को दूसरी से पांचवीं पसंद के बीच की कोई सीट मिली है, तो वह ‘फ्रीज’ या ‘फ्लोट’ का विकल्प चुन सकता है। फ्लोट चुनने पर उम्मीदवार बेहतर विकल्प की तलाश में आगे के दौर में शामिल रहेगा।
महत्वपूर्ण नियम और शर्तें
उम्मीदवारों को कुछ महत्वपूर्ण नियमों का ध्यान रखना चाहिए। यदि कोई उम्मीदवार किसी दौर में मिली सीट को ठुकरा देता है, तो उसे आगे के किसी भी दौर में भाग लेने का मौका नहीं मिलेगा। वहीं, फ्लोट विकल्प चुनने पर यदि उम्मीदवार को बेहतर सीट मिलती है, तो उसे दोबारा शुल्क जमा नहीं करना होगा। खाली हुई सीटों को अगले दौर (दूसरे से पांचवें) में अन्य अभ्यर्थियों को आवंटित किया जाएगा।
रिफंड से जुड़ी जानकारी
सीट छोड़ने पर रिफंड की नीति भी स्पष्ट की गई है। पहले और दूसरे दौर में सीट छोड़ने पर ही रिफंड का लाभ मिलेगा। इस दौरान ₹5,000 का प्रोसेसिंग शुल्क काटा जाएगा। शेष राशि इस प्रकार वापस की जाएगी:
- GEN/EWS/OBC-NCL श्रेणी के उम्मीदवारों को ₹55,000 वापस मिलेंगे।
- SC/ST/PwD श्रेणी के उम्मीदवारों को ₹10,000 वापस मिलेंगे।
तीसरे, चौथे और पांचवें दौर में सीट छोड़ने पर कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा।
सावधानी: फर्जी दावों से बचें
आईआईटी बॉम्बे ने सभी उम्मीदवारों को फर्जी एजेंटों और अनधिकृत दावों से सावधान रहने की सलाह दी है। कोई भी संस्था या व्यक्ति यदि रैंक बदलने या प्रवेश की गारंटी देने का दावा करता है, तो उस पर विश्वास न करें। सभी आधिकारिक जानकारी केवल संस्थान की वेबसाइट पर ही उपलब्ध है।
आवंटन परिणाम कैसे देखें?
अपने सीट आवंटन की स्थिति जांचने के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां ‘राउंड 1 सीट अलॉटमेंट’ लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद अपनी लॉगिन जानकारी दर्ज करें। इसके बाद आवंटन की स्थिति स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी, जिसे डाउनलोड करके रखा जा सकता है।