सीबीएसई 10वीं का परिणाम घोषित: 93.70% छात्र हुए सफल, लड़कियों ने फिर बनाई बढ़त
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे जारी कर दिए हैं। लाखों विद्यार्थियों की प्रतीक्षा समाप्त हो गई है और वे अब आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। छात्र अपने रोल नंबर की सहायता से बोर्ड की मुख्य वेबसाइट के अलावा डिजीलॉकर और उमंग ऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर भी अपनी अंकतालिका देख सकते हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ऑनलाइन जारी की गई मार्कशीट केवल अस्थायी होती है और इसे आधिकारिक दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
इस वर्ष सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 93.70% विद्यार्थी सफलता प्राप्त करने में सफल रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, 92.69% लड़कों ने परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.99% रहा। इस बार भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छात्रों को पीछे छोड़ दिया है।
परीक्षा नियंत्रक का बयान
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने परिणाम घोषित होने पर कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की सिफारिशों के अनुरूप दो बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की गईं। उन्होंने बताया कि एक महीने के भीतर ही भारत और 26 अन्य देशों में स्थित संबद्ध स्कूलों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। कुल 24 लाख 83 हजार छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, और 93.70% का उत्तीर्ण प्रतिशत पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा बेहतर है। उन्होंने यह भी कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा है।
एलओसी प्रक्रिया की जिम्मेदारी स्कूलों को
सीबीएसई ने परीक्षा प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स) से जुड़ी पूरी जिम्मेदारी स्कूलों को सौंप दी गई है। स्कूलों के प्रिंसिपल और संबंधित स्टाफ को निम्नलिखित कार्य करने होंगे:
- यह सुनिश्चित करना कि कौन से छात्र दूसरी परीक्षा देने के पात्र हैं
- सुधार या कंपार्टमेंट वाले छात्रों के विषयों की सही जानकारी दर्ज करना
- छात्रों के सभी डेटा की पूरी जांच करना
- निर्धारित समय सीमा के भीतर सीबीएसई पोर्टल पर जानकारी अपलोड और अंतिम रूप देना
द्वितीय बोर्ड परीक्षा के लिए एलओसी प्रक्रिया शुरू
दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए एलओसी जमा करने की प्रक्रिया 16 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। यह प्रक्रिया केवल 5 दिनों के लिए खुली रहेगी, जिससे स्कूलों को बहुत कम समय में सभी आवश्यक कार्य पूरे करने होंगे।
सेशन-2 परीक्षा से सुधार का अवसर
जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए सीबीएसई ने सेशन-2 परीक्षा का विकल्प उपलब्ध कराया है। यह परीक्षा 15 मई से 1 जून 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। इस दौरान छात्र अधिकतम 3 विषयों में अपने अंक सुधार सकते हैं।
क्षेत्रवार प्रदर्शन
सीबीएसई 10वीं के परिणाम में क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा क्षेत्रों ने 99.79% उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया है। चेन्नई क्षेत्र 99.58% के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि बेंगलुरु 98.91% और दिल्ली वेस्ट 97.45% उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ शीर्ष पांच क्षेत्रों में शामिल रहे।
स्कूल श्रेणी के अनुसार प्रदर्शन
स्कूलों के प्रदर्शन में इस बार भी केंद्रीय विद्यालयों ने 99.57% उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है। जवाहर नवोदय विद्यालय 99.42% और सेंट्रल तिब्बतन स्कूल 97.42% उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। निजी स्कूलों का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.77% रहा, जबकि सरकारी स्कूलों ने 91.43% और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों ने 91.01% परिणाम दर्ज किया।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत का प्रदर्शन
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दिल्ली वेस्ट ने 97.45% और दिल्ली ईस्ट ने 97.33% उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ शानदार प्रदर्शन किया। गुरुग्राम का परिणाम 93.21% और नोएडा का 87.66% रहा। उत्तर भारत के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में लखनऊ ने 91.63%, देहरादून ने 91.59%, प्रयागराज ने 89.45% और पंचकुला ने 92.24% उत्तीर्ण प्रतिशत हासिल किया।
कंपार्टमेंट परीक्षा और अन्य आंकड़े
सीबीएसई के अनुसार, कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में इस बार कुल 93.70% छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। लड़कियों ने 94.99% उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ एक बार फिर लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया है। बोर्ड के अनुसार, 22 लाख से अधिक छात्रों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, जबकि 55,000 से अधिक विद्यार्थियों ने 95% से ऊपर अंक हासिल किए हैं। वहीं, लगभग 14.7 लाख उम्मीदवारों को कंपार्टमेंट श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें आगे सुधार का अवसर दिया जाएगा।