बिहार: नीट छात्रा हत्याकांड में थाना प्रभारी की गिरफ्तारी की मांग फिर तेज, पप्पू यादव भी सड़क पर उतरे

पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की हत्या के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव भी सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने तत्कालीन चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रोशनी कुमारी की तत्काल गिरफ्तारी और सीबीआई से जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन का तरीका और मुख्य मांगें

परिजन और समर्थक वीर चंद्र पटेल पथ पर एकत्र हुए और इनकम टैक्स गोलंबर से भाजपा कार्यालय तक मार्च निकाला। इसके बाद वापस इनकम टैक्स गोलंबर तक जुलूस निकाला गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शुरू से ही इस मामले में जांच में लापरवाही बरती गई। अब जब मामला सीबीआई के पास है, तब भी तेजी नहीं दिख रही है। उन्होंने सीबीआई से आरोपियों के खिलाफ जल्द चार्जशीट दाखिल करने और सभी दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की।

पप्पू यादव का प्रशासन पर हमला

प्रदर्शन में शामिल पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बढ़ती अपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार और प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा कि बिहार में बच्चियों के साथ दुष्कर्म और हत्या जैसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से सोया हुआ है। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि पहले बिहार पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरती और अब सीबीआई भी उसी रास्ते पर चल रही है। उनके अनुसार, इस वजह से पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों में कानून का डर खत्म हो गया है। लगातार हो रही हिंसक घटनाएं प्रशासन की पूरी विफलता को दर्शाती हैं। पप्पू यादव ने कहा कि घटना के तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों ने चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रोशनी कुमारी की गिरफ्तारी की मांग की थी, लेकिन उन्हें बचाने के लिए केवल निलंबित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि निलंबन के जरिए मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।

परिवार का आरोप और आंदोलन की रणनीति

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें अब सिर्फ सीबीआई से ही उम्मीद है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआती जांच में कई अहम सबूतों को नजरअंदाज किया गया। परिजनों ने कहा कि वे तब तक सड़क पर आंदोलन करते रहेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। उनकी मांग है कि जांच में तेजी लाई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए।

प्रदर्शन में परिवार के साथ-साथ कई अन्य लोग भी शामिल हुए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए प्रशासन और सीबीआई के खिलाफ नारे लगाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे इस मामले को तब तक नहीं छोड़ेंगे, जब तक सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं डाल दिया जाता।

मामले की पृष्ठभूमि

नीट छात्रा की हत्या के बाद से ही पटना में तनाव का माहौल है। परिजनों ने पुलिस पर मामला दबाने का आरोप लगाया था, जिसके बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया। हालांकि, सीबीआई जांच में भी तेजी नहीं दिखने से परिजन और स्थानीय लोग नाराज हैं। पप्पू यादव का इस आंदोलन में शामिल होना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे लगातार बिहार सरकार और प्रशासन पर निशाना साध रहे हैं।