डीएसईयू में तकनीकी शिक्षा के छात्रों को मिल रहे बेहतरीन करियर अवसर
दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (डीएसईयू) में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्लेसमेंट का दौर काफी उत्साहजनक रहा है। यहां विभिन्न इंजीनियरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 5 लाख से 8 लाख रुपये तक के वार्षिक पैकेज के ऑफर मिले हैं। विशेष रूप से डिप्लोमा स्तर के छात्रों के लिए 8 लाख रुपये का पैकेज अब तक का सबसे अधिक है, जो कौशल आधारित शिक्षा की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
बीटेक और डिप्लोमा छात्रों के लिए आकर्षक प्रस्ताव
गोदरेज कंपनी ने बीटेक मैकेनिकल के तीन छात्रों को 10 लाख रुपये से अधिक के वार्षिक पैकेज पर चयनित किया है। ये सभी चयनित छात्र अपनी परीक्षाएं पूरी करने के बाद जून और जुलाई के महीनों में संबंधित कंपनियों में कार्यभार संभालेंगे। डीएसईयू प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष कैंपस प्लेसमेंट में कई प्रतिष्ठित कंपनियां भाग ले रही हैं, जिससे छात्रों के लिए रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
तकनीकी और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की बढ़ती मांग
उद्योगों में तकनीकी और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की मांग को देखते हुए कंपनियां कुशल युवाओं को प्राथमिकता दे रही हैं। यही कारण है कि डिप्लोमा स्तर के विद्यार्थियों को भी उच्च पैकेज के ऑफर प्राप्त हो रहे हैं। थॉट्स वर्क कंपनी ने कंप्यूटर और इलेक्ट्रिकल डिप्लोमा के आठ छात्रों को 8 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज पर चयनित किया है। यह डिप्लोमा छात्रों के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ पैकेज है, जबकि पिछले वर्ष इसी कंपनी ने केवल दो छात्रों को नौकरी की पेशकश की थी।
मारुति सुजुकी का बड़ा योगदान
मारुति सुजुकी कंपनी ने इस बार डिप्लोमा मैकेनिकल, डिप्लोमा इलेक्ट्रिकल और डिप्लोमा सिविल स्तर पर कुल 147 छात्रों का चयन 5 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज पर किया है। पिछले प्लेसमेंट सीजन की तुलना में यह आंकड़ा काफी बढ़ा है, जब कंपनी ने 117 छात्रों को ही चयनित किया था। यह वृद्धि डीएसईयू के शैक्षिक मानकों और छात्रों की क्षमता में कंपनियों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
प्लेसमेंट में विविधता और अवसर
डीएसईयू के प्लेसमेंट सीजन में इस बार विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां शामिल हो रही हैं, जिससे छात्रों को अपनी रुचि और विशेषज्ञता के अनुसार करियर चुनने का मौका मिल रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल पर जोर देने के कारण ही कंपनियां डीएसईयू के छात्रों को प्राथमिकता दे रही हैं। यह प्रवृत्ति आने वाले वर्षों में और मजबूत होने की संभावना है, जिससे डिप्लोमा और बीटेक दोनों स्तरों के छात्रों के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे।