बिहार में शराबबंदी पर तेज प्रताप यादव का बड़ा हमला, कहा- महिलाएं पी रही हैं सिगरेट
बिहार में शराबबंदी को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राजद नेता तेज प्रताप यादव ने राज्य में लागू शराबबंदी को पूरी तरह विफल करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह कानून जमीनी स्तर पर बेअसर साबित हुआ है और हर जगह खुलेआम शराब बिक रही है।
तेज प्रताप यादव ने कहा कि जिस शराबबंदी को लेकर इतनी डायलॉगबाजी की गई, वह असल में कहीं लागू नहीं हो पाई। उनके अनुसार, आज बिहार के हर चौक-चौराहे और गली-मोहल्ले में शराब आसानी से उपलब्ध है। यहां तक कि होम डिलीवरी का भी धंधा चल रहा है। उन्होंने पटना के पॉश इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां खुलेआम नशाखोरी हो रही है। विशेष रूप से बोरिंग रोड जैसे इलाकों में महिलाएं सिगरेट और शराब का सेवन करती दिखती हैं, जबकि पुरुष केवल उन्हें देखने भर पर मजबूर हैं।
नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे पर तंज
तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया दिल्ली दौरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि चाचा जी (नीतीश कुमार) पहले से ही दिल्ली जाने का मन बनाए हुए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें इस यात्रा के पीछे का असली राज पता है, लेकिन वह इस बारे में कुछ नहीं बोलेंगे। तेज प्रताप ने कहा कि चाचा जी चाहे दिल्ली जाएं या चांद-सूरज पर, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री को दिल्ली जाने के बजाय बिहार की मौजूदा स्थिति पर ध्यान देना चाहिए था।
तेजस्वी यादव को नसीहत
अपने छोटे भाई और राजद नेता तेजस्वी यादव पर भी तेज प्रताप ने तंज कसा। उन्होंने तेजस्वी को नसीहत देते हुए कहा कि बिहार के बारे में लोगों को सकारात्मक सोच रखनी चाहिए और इस तरह के बयानों से बचना चाहिए जो राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। तेज प्रताप ने कहा कि उनका जन्म भी बिहार में ही हुआ है और जो लोग बिहार या देश से बाहर जाकर राज्य को गाली देते हैं, उनसे सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार कोई गरीब राज्य नहीं है, बल्कि यहां का हर युवा दिल से अमीर है। तेज प्रताप ने कहा कि तेजस्वी यादव उनके छोटे भाई हैं और उन्हें ऐसे बयानों से दूर रहना चाहिए जो बिहार की छवि को धूमिल करते हैं।
तेज प्रताप यादव के इस बयान ने एक बार फिर बिहार की शराबबंदी नीति पर बहस छेड़ दी है। राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद से ही यह मुद्दा सियासी गलियारों में गर्म रहता है। विपक्षी दल लगातार सरकार पर इस कानून को प्रभावी ढंग से लागू न करने का आरोप लगाते रहे हैं। वहीं, सरकार का दावा है कि शराबबंदी से राज्य में सामाजिक और आर्थिक सुधार हुए हैं। तेज प्रताप के ताजा बयान ने इस विवाद को नई ऊर्जा दी है।