बिहार बोर्ड 10वीं परिणाम 2026: 81.79% छात्र हुए सफल, लड़कों ने लड़कियों को पीछे छोड़ा
बिहार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (BSEB) ने 29 मार्च 2026 को कक्षा 10वीं के परिणामों की घोषणा कर दी है। यह घोषणा बोर्ड मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान की गई, जिसमें बोर्ड के अध्यक्ष और राज्य के शिक्षा मंत्री भी मौजूद रहे। इस वर्ष कुल 81.79% परीक्षार्थी सफलता प्राप्त करने में कामयाब रहे हैं।
परीक्षा परिणाम के प्रमुख आंकड़े
बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मैट्रिक की परीक्षा में कुल 15,10,928 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें से 12,35,743 ने सफलता पाई। परीक्षा में शामिल छात्रों की संख्या 7,26,057 और छात्राओं की संख्या 7,84,871 थी। दिलचस्प बात यह रही कि इस बार उत्तीर्ण प्रतिशत के मामले में लड़कों ने लड़कियों को पीछे छोड़ दिया।
- कुल उत्तीर्ण प्रतिशत: 81.79%
- उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत: 82.82% (6,01,390 छात्र)
- उत्तीर्ण छात्राओं का प्रतिशत: 80.83% (6,34,353 छात्राएं)
- प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण: 4,43,723
- द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण: 4,75,511
- तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण: 3,03,103
टॉपर सूची और विशेष पुरस्कार
इस वर्ष संयुक्त रूप से दो छात्राओं ने टॉपर का स्थान हासिल किया है। पुष्पांजलि कुमारी (जमुई) और सबरीन परवीन (वैशाली) दोनों ने 492 अंक (98.4%) प्राप्त कर पहला स्थान साझा किया। टॉप-10 में कुल 139 विद्यार्थी शामिल हैं, जिन्हें बोर्ड द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
बोर्ड ने इस वर्ष पुरस्कार राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले परीक्षार्थी को दो लाख रुपये, दूसरे स्थान वाले को डेढ़ लाख रुपये और तीसरे स्थान वाले को एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। चौथी से दसवीं रैंक तक के मेधावियों को 20-20 हजार रुपये दिए जाएंगे। नकद राशि के अलावा सभी पुरस्कृत छात्रों को आधुनिक लैपटॉप, प्रशस्ति-पत्र और मेडल भी प्रदान किए जाएंगे।
राजेंद्र प्रसाद छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी
बोर्ड ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेधा छात्रवृत्ति की राशि में भी इजाफा किया है। इस योजना के तहत टॉप 10 रैंक तक के विद्यार्थियों को अब हर महीने दो हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह सहायता राशि 11वीं और 12वीं कक्षा की पढ़ाई के दौरान या तकनीकी डिप्लोमा कोर्स पूरा होने तक लगातार मिलती रहेगी, जिससे छात्र बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी शिक्षा जारी रख सकेंगे।
स्क्रूटिनी और कम्पार्टमेंटल परीक्षा की प्रक्रिया
जो विद्यार्थी अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए बोर्ड ने स्क्रूटिनी की सुविधा प्रदान की है। स्क्रूटिनी के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 7 अप्रैल 2026 तक चलेगी। इच्छुक विद्यार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना आवेदन दर्ज कर सकते हैं। स्क्रूटिनी प्रक्रिया के दौरान बोर्ड तीन मुख्य बिंदुओं की जांच करता है: क्या सभी उत्तरों का मूल्यांकन हुआ है, क्या अंकों के योग में कोई त्रुटि है, और क्या मुख्य पृष्ठ पर अंक सही ढंग से अंकित हैं।
कम्पार्टमेंटल परीक्षाओं के परिणाम 31 मई 2026 तक जारी करने की योजना है। बोर्ड का मानना है कि मई के अंत तक नतीजे आ जाने से सफल होने वाले विद्यार्थी बिना देरी के 2026-27 सत्र में ही उच्च माध्यमिक विद्यालयों या कॉलेजों में नामांकन ले सकेंगे, जिससे उनका एक साल बर्बाद होने से बच जाएगा।
पिछले वर्ष की तुलना में प्रदर्शन
इस वर्ष का परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रहा है। परीक्षा का आयोजन 17 से 25 फरवरी 2026 के बीच किया गया था, और परिणाम घोषित होने में कुल 28 दिन का समय लगा। बोर्ड ने इस बार पारदर्शिता और दक्षता पर विशेष ध्यान दिया, जिससे समय पर परिणाम जारी करना संभव हो सका।
लड़कों और लड़कियों के प्रदर्शन का विश्लेषण
हालांकि परीक्षा में लड़कियों की संख्या लड़कों से अधिक थी, लेकिन उत्तीर्ण प्रतिशत के मामले में लड़के आगे रहे। जहां छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 82.82% रहा, वहीं छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 80.83% रहा। यह अंतर बताता है कि लड़कों ने इस बार बेहतर प्रदर्शन किया, हालांकि संख्या के लिहाज से अभी भी अधिक लड़कियां ही उत्तीर्ण हुई हैं।
बोर्ड ने सभी सफल परीक्षार्थियों को बधाई दी है और असफल रहने वाले छात्रों को निराश न होने की सलाह दी है। कम्पार्टमेंटल परीक्षा और स्क्रूटिनी जैसे विकल्पों के माध्यम से वे अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकते हैं। बोर्ड का प्रयास है कि हर विद्यार्थी को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले और कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे।