बिहार पुलिस का सिपाही उत्तर प्रदेश से बिहार तक चलाता था ड्रग्स का धंधा, 25 करोड़ के स्मैक के साथ दो गिरफ्तार
पटना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां उसने 25 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि इस अवैध कारोबार के मास्टरमाइंड खुद बिहार पुलिस का एक सिपाही है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस कई महीनों से इस सिपाही की तलाश कर रही थी, लेकिन उसके बारे में यह जानकारी सामने आने के बाद पूरा पुलिस महकमा सकते में है।
फरार सिपाही ऋषिकेश का कारोबार
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय कुमार शर्मा ने बताया कि फरार सिपाही का नाम ऋषिकेश है। वह अपने वेतन से कई गुना अधिक पैसा इस सूखे नशे (स्मैक) के व्यवसाय से कमाता था। ऋषिकेश को जुलाई महीने में गया से विरमित कर भागलपुर पुलिस लाइन में पदभार ग्रहण करना था, लेकिन वह वहां कभी नहीं पहुंचा। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही है। अब यह पता चला है कि वह इसी दौरान ड्रग्स का बड़ा कारोबार कर रहा था।
गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई
पुलिस को 27 मार्च को गुप्त सूचना मिली कि आलमगंज थाना क्षेत्र के ईस्ट ऑफ गांधी सेतु स्थित होप रॉयल ग्रीन अपार्टमेंट सोसाइटी के एक कमरे में नशीले पदार्थों की बड़ी खेप आने वाली है। सूचना मिलते ही आलमगंज पुलिस ने तुरंत छापेमारी की। पुलिस को देखकर वहां मौजूद दो युवक भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान समस्तीपुर निवासी जितेंद्र कुमार और जहानाबाद निवासी नीतीश कुमार के रूप में बताई।
बरामदगी की विस्तृत जानकारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कमरे की तलाशी ली, जहां से भारी मात्रा में स्मैक बरामद हुआ। कुल मिलाकर 21.181 किलोग्राम स्मैक जब्त किया गया, जिसमें से 1.600 किलोग्राम तैयार (बना हुआ) और 19.500 किलोग्राम कच्चा (बिना बना हुआ) स्मैक शामिल था। इसके अलावा पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान भी बरामद किया:
- 2 लाख 15 हजार रुपये नकद
- 7 मोबाइल फोन
- अपार्टमेंट के बाहर खड़ा एक टेम्पू
- फरार सिपाही ऋषिकेश के नाम से 17 लाख रुपये का एक चेक
खेमनीचक में मिला स्मैक पैकिंग का सामान
गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र कुमार की निशानदेही पर पुलिस रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र के खेमनीचक स्थित एक किराए के मकान पर पहुंची। वहां से पुलिस ने प्लास्टिक के झोले में रखा 16 किलोग्राम स्मैक का ‘कट’ (पत्थर और पाउडर सहित) और 3.500 किलोग्राम ‘पावर’ बरामद किया। साथ ही तीन छोटे डिजिटल इलेक्ट्रिक तराजू भी मिले। इस मकान से पुलिस ने एक पिस्टल, कट्टा, मैगजीन और कारतूस भी जब्त किए हैं, जो इस गिरोह के खतरनाक होने का संकेत देते हैं।
पुलिस की आगे की जांच
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि इस मामले में फरार सिपाही ऋषिकेश की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस को संदेह है कि इस ड्रग्स तस्करी नेटवर्क में ऋषिकेश के अलावा भी कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान और भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। यह पूरा मामला बिहार पुलिस के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि एक सिपाही का इस तरह के अवैध धंधे में शामिल होना विभाग की छवि को धूमिल करता है। पुलिस अब हर संभव पहलू से इस मामले की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।