187 स्कूलों का इंडियन स्कूल्स कन्वेंशन में पंजीकरण, जूरी कर रही समीक्षा
देशभर के स्कूलों के लिए आयोजित होने जा रहे इंडियन स्कूल्स कन्वेंशन में 187 विद्यालयों ने अपना पंजीकरण कराया है। यह आयोजन 26 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन सेंटर फॉर नमो स्टडीज (नमो अध्ययन केन्द्र) द्वारा किया जा रहा है। इस सम्मेलन को पद्म भूषण रतन टाटा की स्मृति को समर्पित किया गया है, जो राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में उनके योगदान को सम्मानित करने का प्रयास है।
सम्मेलन का मुख्य विषय और उद्देश्य
इस सम्मेलन की थीम ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय विकास के लिए स्कूल शिक्षा को सशक्त बनाना’ रखी गई है। आयोजन में भाग लेने के लिए स्कूलों से कोई शुल्क नहीं लिया गया है। सेंटर फॉर नमो स्टडीज के अध्यक्ष प्रो. जसीम मोहम्मद ने बताया कि विभिन्न राज्यों के 187 स्कूलों ने इस सम्मेलन और इससे जुड़े प्रिंसिपल, मैनेजमेंट और स्कूल अवॉर्ड्स 2026 में भागीदारी के लिए पंजीकरण कराया है।
भाग लेने वाले राज्य और संस्थान
पंजीकरण कराने वाले स्कूलों में जम्मू-कश्मीर, उत्तरांचल, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों के विद्यालय शामिल हैं। इनमें सरकारी स्कूल, निजी संस्थान और स्वतंत्र शैक्षणिक संगठन शामिल हैं। प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट स्कूलों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं, उत्कृष्ट प्राचार्यों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और नेतृत्व के लिए प्रिंसिपल एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर जोर
प्रो. जसीम मोहम्मद ने आगे बताया कि इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दृष्टि को प्रमुखता से रेखांकित किया जाएगा। इस नीति का उद्देश्य समग्र शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और कक्षाओं में आधुनिक तकनीक के समावेश के जरिए भारत की शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाना है।
नामांकन की प्रक्रिया और जूरी समीक्षा
कार्यक्रम आयोजन समिति के सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार जावेद रहमानी ने बताया कि नामांकन की अंतिम तिथि 12 मार्च थी। स्कूलों से प्राप्त आवेदनों की वर्तमान में सेंटर फॉर नमो स्टडीज के जूरी पैनल के वरिष्ठ शिक्षाविदों द्वारा समीक्षा की जा रही है। जूरी पैनल उन संस्थाओं और प्राचार्यों की पहचान करने के लिए नामांकनों का मूल्यांकन कर रहा है, जिन्होंने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, नेतृत्व और उत्कृष्टता का परिचय दिया है।
पुरस्कारों की श्रेणियां
इंडियन स्कूल्स कन्वेंशन की सह-समन्वयक डॉ. दीबा ने जानकारी दी कि पुरस्कारों को कई भागों में बांटा गया है। इनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया है। इससे आयोजन के महत्व और विश्वसनीयता पर एक गहरा प्रभाव पड़ेगा।
राष्ट्रीय मंच का निर्माण
समन्वयक प्रो. दिव्या तन्वर और डॉ. दौलत राम शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य शिक्षकों, स्कूल प्रमुखों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक राष्ट्रीय मंच तैयार करना है। यह मंच विचारों के आदान-प्रदान, उपलब्धियों के सम्मान और भारत में स्कूल शिक्षा के भविष्य पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगा।