सिंगापुर के शिक्षा समूह को लखनऊ में निवेश का निमंत्रण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर स्थित ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल्स (GIIIS) समूह को लखनऊ में अपना शिक्षा मॉडल स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। यह पहल राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री का आग्रह और प्रशंसा

सिंगापुर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्लोबल इंडियन स्कूल्स के शैक्षिक मॉडल की सराहना की। उन्होंने इसे उत्कृष्टता और कौशल विकास पर आधारित एक अनुकरणीय संस्थान बताया। भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने इस समूह से लखनऊ में अपना शिक्षा मॉडल शुरू करने का विशेष अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसरों की तलाश कर रहा है और ऐसे वैश्विक मॉडल राज्य के शैक्षिक परिदृश्य को बदल सकते हैं।

समूह की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएं

ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के अध्यक्ष और सह-संस्थापक अतुल टेमुरनिकर ने इस निमंत्रण को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका समूह इस प्रस्ताव से अभिभूत है और सकारात्मक दिशा में कदम उठाएगा। टेमुरनिकर ने बताया कि GIIIS हमेशा से एक नवोन्मेषी संस्था रही है जहां छात्र केंद्र में होता है। उनके अनुसार, उभरता हुआ उत्तर प्रदेश उनके विस्तार की योजना में अगला पड़ाव हो सकता है। यह समूह वर्तमान में सिंगापुर, प्रमुख एशियाई राजधानियों और यूनाइटेड किंगडम में 64 अंतरराष्ट्रीय परिसरों का संचालन करता है।

प्रवासी समुदाय के साथ संवाद

इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंगापुर में भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ एक विशेष बैठक में भाग लिया। यह बैठक समूह के वन वर्ल्ड इंटरनेशनल स्कूल परिसर में आयोजित की गई थी। इस अवसर पर लगभग 1,500 भारतीयों ने भाग लिया और उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास के अवसरों पर चर्चा हुई।

उत्तर प्रदेश के विकास पर चर्चा

अतुल टेमुरनिकर ने बताया कि इस बैठक में राज्य के बढ़ते निवेश परिदृश्य पर सार्थक संवाद हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा किया। टेमुरनिकर के अनुसार, राज्य के बुनियादी ढांचे, उद्योग और शासन पर मजबूत ध्यान केंद्रित करने से वैश्विक सहयोग के महत्वपूर्ण अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस बैठक की सफलता भारत के आर्थिक और दीर्घकालिक विकास में योगदान देने के लिए प्रवासी समुदाय की बढ़ती रुचि को दर्शाती है।

शिक्षा के क्षेत्र में नए क्षितिज

यह पहल उत्तर प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिला सकती है। अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मॉडल के आने से राज्य के छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और कौशल विकास के अवसर मिलेंगे। सरकार की यह कोशिश राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और कदम है।