सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026: नई डिजिटल मार्किंग और परीक्षा दिवस के लिए जारी दिशा-निर्देश

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण वेबकास्ट का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए नई एडवाइजरी और बदलावों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। विशेष रूप से कक्षा 12 की परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली लागू करने की घोषणा की गई है, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

कक्षा 12 में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) का क्रियान्वयन

सीबीएसई के अनुसार, हर साल लगभग 18 लाख से अधिक छात्र 120 विषयों में कक्षा 12 की परीक्षा देते हैं, जिसके बाद एक करोड़ से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाता है। नई डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू होने से उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन और जांच में लगने वाला समय काफी हद तक कम हो जाएगा। यह प्रणाली मूल्यांकन को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है।

डिजिटल मूल्यांकन के प्रमुख लाभ

  • स्वचालित प्रणाली के माध्यम से मूल्यांकन तेज होगा और मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी।
  • अधिक संख्या में शिक्षक डिजिटल माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर सकेंगे, जिससे समग्र प्रक्रिया में गति आएगी।
  • मूल्यांकन की अवधि पारंपरिक 12 दिनों से घटकर लगभग 9 दिन रह जाने की संभावना है।
  • कॉपियों के एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन पर होने वाला खर्च और समय दोनों बचेंगे।
  • परिणाम घोषित होने के बाद अंकों के पुन: सत्यापन की अलग से कोई सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, क्योंकि डिजिटल प्रणाली में सटीकता अधिक होती है।

परीक्षा दिवस के लिए छात्रों को विशेष सलाह

बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे शुरू होगी, इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे सुबह 10:00 बजे तक अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं। संभावित ट्रैफिक जाम या मार्ग परिवर्तन जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए बोर्ड ने छात्रों को पहले ही परीक्षा केंद्र का रास्ता देख लेने और समय का उचित प्रबंधन करने की सलाह दी है।

सीबीएसई का मानना है कि ये नए डिजिटल सुधार और स्पष्ट निर्देश परीक्षा प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और छात्र-अनुकूल बनाने में सहायक होंगे। इन बदलावों का उद्देश्य छात्रों के लिए परीक्षा के अनुभव को सरल और तनावमुक्त बनाना है।