परीक्षा पे चर्चा 2026: पीएम मोदी ने गुजरात के छात्र को लगाया गले, दो भाइयों का नाम सुनते ही खिल उठा चेहरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में देशभर के छात्रों से संवाद किया। इस दौरान गुजरात से आए दो भाइयों, अवि और जय, की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। जैसे ही इन दोनों का परिचय हुआ, प्रधानमंत्री का चेहरा मुस्कान से खिल उठा और उन्होंने स्नेहपूर्वक जय को गले लगा लिया। यह पल मंच पर मौजूद सभी के लिए भावनात्मक और यादगार बन गया।
पहले से है परिचय
दरअसल, अवि और जय से प्रधानमंत्री मोदी की पहली मुलाकात साल 2022 में हुई थी। जब ये दोनों भाई परीक्षा पे चर्चा 2026 के मंच पर दोबारा पहुंचे, तो पीएम ने तुरंत उन्हें पहचान लिया। उन्होंने याद किया कि ये वही छात्र हैं जो पहले भी उनसे मिल चुके हैं। इस मुलाकात ने माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया।
छात्रों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा, “जय और अवि, आप दोनों अब काफी बड़े हो गए हैं। क्या आपने अपने साथियों को बताया कि हमारा पहले से परिचय है?” इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद अन्य विद्यार्थियों से पूछा कि क्या इन दोनों में पहले से ज्यादा आत्मविश्वास नजर आ रहा है। छात्रों ने मुस्कुराते हुए हां में जवाब दिया।
आदिवासी समाज और शिक्षा पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों से आए छात्रों के साथ विस्तार से बातचीत की। उन्होंने शिक्षा के महत्व, परीक्षा के तनाव को प्रबंधित करने के तरीकों, भविष्य के करियर विकल्पों और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समाज की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा की। आदिवासी इलाकों से आए बच्चों ने प्रधानमंत्री का अपनी स्थानीय भाषा में स्वागत किया और उन्हें पारंपरिक लोक कला से सजी जैकेट पहने देखकर खुशी व्यक्त की।
एक छात्रा ने उत्साहित होकर कहा कि प्रधानमंत्री से मिलना उनके लिए गर्व का विषय है और देश का हर छात्र जीवन में कम से कम एक बार उनसे मिलना चाहता है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही विकास की सबसे मजबूत नींव है और मजबूत आधारभूत ढांचा लंबे समय तक प्रगति का रास्ता तैयार करता है।
पाल-चितरिया घटना का जिक्र
एक छात्र ने गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए कार्यों के पीछे की प्रेरणा के बारे में सवाल पूछा। जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने पाल-चितरिया घटना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों और अकाल के समय वहां काम करते हुए उन्होंने शिक्षा के महत्व को करीब से समझा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज की स्वतंत्रता और संघर्ष की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। उसी अनुभव ने उन्हें शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने याद करते हुए बताया कि कभी उमरगांव से अंबाजी तक विज्ञान शिक्षा से जुड़ा कोई बड़ा संस्थान नहीं था, लेकिन अब कई शिक्षण संस्थान छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान कर रहे हैं।
तकनीक और शिक्षा पर जोर
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने तकनीक के सही उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग सीखने और अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए करें। उन्होंने कहा कि तकनीक का सही इस्तेमाल छात्रों को परीक्षा के तनाव से उबरने और अपने करियर को नई दिशा देने में मदद कर सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने माता-पिता से भी अपील की कि वे बच्चों पर परीक्षा के अंकों को लेकर अनावश्यक दबाव न डालें। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी रुचियों और क्षमताओं के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए।
परीक्षा पे चर्चा 2026 का यह एपिसोड छात्रों के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक रहा। प्रधानमंत्री ने अपने अनुभवों और सुझावों के माध्यम से छात्रों को परीक्षा के तनाव से मुक्त होकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का मंत्र दिया।