संबलपुर में छात्राओं के लिए STEM और विमानन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
ओडिशा के संबलपुर जिले में छात्राओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के साथ-साथ विमानन क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को जिले के तीन शैक्षणिक संस्थानों में एक विशेष कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को STEM विषयों में कौशल विकसित करने और विमानन उद्योग में रोजगार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि अब छात्राएं ज्ञान और विज्ञान के समन्वय से अपने सपनों को साकार कर सकेंगी। ‘बोइंग सुकन्या कार्यक्रम’ विशेष रूप से देश के तेजी से विकसित हो रहे विमानन क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है।
तीन स्कूलों में STEM प्रयोगशालाओं की स्थापना
केंद्रीय मंत्री ने संबलपुर के चंद्रशेखर बेहरा (सीएसबी) जिला विद्यालय, रेडखोल के गौरचंद्र हाई स्कूल और कुचिंदा के सरकारी हाई स्कूल में पहले चरण में इन प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया। ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ के अवसर पर सीएसबी जिला विद्यालय के वार्षिक उत्सव ‘ज्योतिर्गमय’ में भाग लेते हुए प्रधान ने कहा, “यह केवल एक विज्ञान प्रयोगशाला नहीं है, बल्कि हमारी बेटियों के लिए आसमान छूने का एक शक्तिशाली माध्यम है।”
मंत्री ने बताया कि ये प्रयोगशालाएं पायलट बनने के लिए आवश्यक विज्ञान के साथ-साथ एयरोस्पेस शिक्षा और प्रशिक्षण भी प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा, “यह पहल हमारे छात्रों, विशेषकर छात्राओं में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की एक नई रोशनी जगाएगी।”
विमानन क्षेत्र में बढ़ते अवसर
धर्मेंद्र प्रधान ने आगे बताया कि अगले दस वर्षों में भारत में विमानों की संख्या बढ़कर 15,000 तक पहुंच जाएगी। इसके लिए बड़ी संख्या में पायलटों, इंजीनियरों और डिजाइनरों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि ये STEM प्रयोगशालाएं आने वाले समय में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी और छात्राओं को इन अवसरों का लाभ उठाने में मदद करेंगी।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की पहल
बोइंग इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष सलिल गुप्ते ने कहा कि बोइंग सुकन्या कार्यक्रम इस विचार पर आधारित है कि शिक्षा में समान अवसर मिलने से नवाचार को बढ़ावा मिलता है। यह पहल विशेष रूप से छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए शुरू की गई है।
यह कार्यक्रम लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन (LLF) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। LLF शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में काम करने वाला एक गैर-लाभकारी संगठन है। संगठन की अध्यक्ष डॉ. अंजली प्रकाश ने कहा कि ये प्रयोगशालाएं छात्रों को प्रश्न पूछने, नई चीजें सीखने और नवाचार करने के लिए प्रेरित करती हैं। साथ ही इससे शिक्षकों की क्षमता और स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होती है।
डॉ. प्रकाश ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों, खासकर लड़कियों, को STEM क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए तैयार करना है।
प्रधानमंत्री की पहल का विस्तार
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2024 में शुरू की गई एक व्यापक पहल का हिस्सा है। इसके तहत बोइंग और LLF देशभर के सरकारी स्कूलों में STEM प्रयोगशालाएं स्थापित कर रहे हैं। इसके अलावा, छात्राओं को पायलट बनने के सपने को पूरा करने के लिए छात्रवृत्तियां भी प्रदान की जा रही हैं, ताकि भारत के विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जा सके।
व्यावहारिक शिक्षा पर जोर
STEM प्रयोगशालाओं में बच्चों के लिए सीखने के किट, डिजिटल उपकरण और व्यावहारिक मॉड्यूल उपलब्ध कराए गए हैं। इससे वे विज्ञान, विमानन और एयरो मॉडलिंग को किताबों से नहीं, बल्कि करके सीख सकेंगे। कक्षा 6 से 10 तक के छात्र गतिविधि आधारित शिक्षा, कार्यशालाओं और खोजपूर्ण सत्रों में भाग लेंगे। इससे उन्हें विषयों की गहरी समझ विकसित होगी और वे राज्य व राष्ट्रीय स्तर की STEM एवं विमानन प्रतियोगिताओं में भी भाग ले सकेंगे।
बोइंग सुकन्या कार्यक्रम शिक्षा में समानता के सिद्धांत पर आधारित है। इस पहल के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी को शिक्षा के समान अवसर मिलें, जिससे नए विचारों और नवाचारों को बढ़ावा मिले। यह कार्यक्रम लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी में चलाया जा रहा है, जो बोइंग ग्लोबल एंगेजमेंट का भागीदार है और शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।