झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने शिक्षा को विकास की कुंजी बताते हुए नई इंटर्नशिप योजना का किया शुभारंभ

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षा को राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार बताते हुए एक नई पहल की है। उन्होंने हाल ही में ‘ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना’ की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। यह घोषणा उन्होंने रांची में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की, जहां वे ‘गुरुजी स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड योजना’ के लाभार्थियों से सीधे संवाद कर रहे थे। यह आयोजन उनके पिता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की 82वीं जयंती पर विशेष रूप से किया गया था।

ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना: गांवों में काम करने का मौका

इस नई योजना के तहत स्नातक और परास्नातक कर चुके छात्रों को दो महीने का इंटर्नशिप कार्यक्रम प्रदान किया जाएगा। इस दौरान छात्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे जमीनी स्तर की समस्याओं को समझ सकेंगे और अपने ज्ञान का उपयोग कर सकेंगे। इस योजना के तहत चयनित छात्रों को प्रोत्साहन के रूप में 10,000 रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।

गुरुजी स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड योजना: सपनों को मिल रहे पंख

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई प्रतिभाशाली छात्र आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए दो साल पहले ‘गुरुजी स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड योजना’ शुरू की गई थी। इस योजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य क्षेत्रों के लिए 15 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध है।
  • इस ऋण पर केवल 4 प्रतिशत की ब्याज दर लागू है, जो बाजार दरों से काफी कम है।
  • कोर्स पूरा होने के एक साल बाद ही ईएमआई की शुरुआत होती है, जिससे छात्रों को नौकरी पाने का समय मिल जाता है।
  • राज्य सरकार इस योजना की गारंटर है, जिससे छात्रों को बिना किसी बड़ी गारंटी के ऋण मिल जाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखंड देश का पहला राज्य है जो इतनी कम ब्याज दर पर इतनी बड़ी राशि का शिक्षा ऋण प्रदान कर रहा है। उन्होंने छात्रों से कहा कि सरकार उन्हें इस योग्य बनाना चाहती है कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें।

योजना की सफलता के आंकड़े

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव राहुल पुरवार ने इस योजना की सफलता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 2,430 से अधिक छात्रों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। इन छात्रों को कुल मिलाकर लगभग 200 करोड़ रुपये की ऋण राशि वितरित की गई है। इस कार्यक्रम के दौरान ही 55 छात्रों के लिए 12 करोड़ रुपये के ऋण को भी मंजूरी दी गई।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की अन्य महत्वपूर्ण पहल

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा उठाए गए अन्य कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विदेश में उच्च शिक्षा के लिए 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, सभी जिलों में पुस्तकालयों की स्थापना और सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत भी की गई है। उन्होंने गर्व से कहा कि अब आदिवासी और दलित समुदाय के बच्चे भी विदेश जाकर पढ़ाई कर रहे हैं, जो कभी केवल एक सपना हुआ करता था।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने अपने पिता शिबू सोरेन को याद करते हुए कहा कि वे आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और संघर्ष हमेशा जीवित रहेंगे। इस मौके पर उन्होंने गुरुजी स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड के लिए एक चैटबॉट और डैशबोर्ड भी लॉन्च किया। साथ ही, सीएम फेलोशिप योजना के तहत 23 शोधार्थियों को 25,000 रुपये की पहली किस्त भी प्रदान की गई।