पंजाब सरकार की नई पहल: मिशन प्रगति के तहत युवाओं को मिलेगी मुफ्त कोचिंग

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के युवाओं के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना ‘मिशन प्रगति’ की शुरुआत की है। इस पहल के तहत, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को बिना किसी शुल्क के गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्रों को सशक्त बनाना है, जो महंगी कोचिंग फीस वहन नहीं कर सकते।

जिला पुस्तकालय में शुरू हुई मुफ्त कक्षाएं

इस योजना के तहत सबसे पहले जिला पुस्तकालय में सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी), पुलिस और सशस्त्र बलों से संबंधित परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने छात्रों से बातचीत करते हुए बताया कि पहले बैच में 40 छात्रों का नामांकन हो चुका है। इन छात्रों को न केवल कक्षा शिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि पंजाब पुलिस के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि उनकी संपूर्ण तैयारी सुनिश्चित हो सके।

न्यूनतम खर्च में अधिकतम लाभ

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम मौजूदा बुनियादी ढांचे का उपयोग करके चलाया जा रहा है, जिससे सरकार पर न्यूनतम वित्तीय बोझ पड़ रहा है। पुस्तकालय की सदस्यता लेने वाले छात्रों को अध्ययन सामग्री और पुस्तकों तक मुफ्त पहुंच मिलेगी। यह पहल पंजाब सरकार के शिक्षा सुधारों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें रोजगार और करियर विकास के व्यावहारिक अवसर प्रदान करना है।

युवाओं द्वारा युवाओं की मदद

मिशन प्रगति ‘युवाओं द्वारा युवाओं की मदद’ के सिद्धांत पर काम करता है। इसके तहत, वे उम्मीदवार जो पहले ही प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर चुके हैं, वर्तमान छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। यह अनूठी व्यवस्था न केवल छात्रों को सही दिशा में प्रेरित करेगी, बल्कि उन्हें परीक्षा पैटर्न और रणनीतियों की गहरी समझ भी विकसित करने में मदद करेगी।

सभी के लिए समान अवसर

इस पहल को शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों, पुलिस अधिकारियों, खिलाड़ियों और छात्रों का व्यापक समर्थन मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम ‘कोई भी पीछे न छूटे’ के विचार पर आधारित है। इसका उद्देश्य राज्य के युवाओं को समान अवसर प्रदान करना और सरकारी नौकरियों में उनकी भागीदारी को बढ़ाना है। पंजाब सरकार का मानना है कि शिक्षा और कौशल विकास में निवेश करके ही राज्य के युवाओं का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।