परीक्षा पे चर्चा 2026: अभिभावकों की भागीदारी में छत्तीसगढ़ ने मारी बाजी, 11 जनवरी तक करें आवेदन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिष्ठित पहल ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में छत्तीसगढ़ ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस बार राज्य ने अभिभावकों की सहभागिता के मामले में पूरे देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ से अब तक कुल 25.16 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं, जिसमें 22.75 लाख छात्र, 1.55 लाख शिक्षक और 81,533 अभिभावक शामिल हैं। कुल पंजीकरण के मामले में राज्य देश में चौथे स्थान पर है, लेकिन माता-पिता की भागीदारी में यह अव्वल रहा है।

बलौदाबाजार और सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने दिखाया उत्साह

जिला स्तर पर देखें तो बलौदाबाजार जिले के 14,658 अभिभावकों ने पंजीकरण कराया है। वहीं, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से 9,952 अभिभावकों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। अधिकारियों के अनुसार, जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर ऑन-साइट रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिससे लोगों को पंजीकरण कराने में कोई परेशानी न हुई।

परीक्षा पे चर्चा मेला बना मील का पत्थर

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा मेला’ ने इस अभियान को नई ऊंचाई दी। इस मेले के दौरान एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए। इससे पहले प्रतिदिन औसतन लगभग 1,500 पंजीकरण हो रहे थे। मेले में स्कूलों, शिक्षकों, छात्रों और स्थानीय समुदाय ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अन्य जिलों में भी इसी तरह के आयोजन किए जा रहे हैं, जिससे भागीदारी और बढ़ने की उम्मीद है।

शिक्षकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए खास प्रबंध

शिक्षकों को इस अभियान से जोड़ने के लिए विशेष रणनीति अपनाई गई। प्रशिक्षण स्थलों पर ही रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई, जहां शिक्षकों को पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया गया। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान ही उनका पंजीकरण करा लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इस पहल ने शिक्षकों को सीधे तौर पर कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर दिया।

पंजीकरण प्रक्रिया 11 जनवरी तक जारी

गौरतलब है कि ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू हुई थी, जो 11 जनवरी 2026 तक चलेगी। अधिकारियों का मानना है कि राज्य में 30 लाख से अधिक पंजीकरण का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है। अभी भी इच्छुक छात्र, शिक्षक और अभिभावक इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने सामूहिक प्रयासों को सराहा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश कि परीक्षा को तनाव नहीं, बल्कि उत्सव की तरह देखा जाना चाहिए, छत्तीसगढ़ में पूरी तरह अपनाया गया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में यह अभियान एक जन आंदोलन का रूप ले लेगा और पूरे राज्य में परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।