सीबीएसई का पायथन प्रोग्रामिंग बूटकैंप: जनवरी-फरवरी 2026 में छात्रों के लिए मुफ्त प्रशिक्षण
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने छात्रों के लिए एक विशेष पायथन प्रोग्रामिंग बूटकैंप आयोजित करने की घोषणा की है। यह बूटकैंप जनवरी और फरवरी 2026 के महीनों में आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य छात्रों को कोडिंग और प्रोग्रामिंग की व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से कक्षा 9 और 10 के वे छात्र भाग ले सकते हैं, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विषय का अध्ययन कर रहे हैं।
बूटकैंप का आयोजन और भागीदारी
यह बूटकैंप दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 12 जनवरी से 28 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें 120 से 150 छात्रों को शामिल होने का अवसर मिलेगा। दूसरा चरण 2 फरवरी से 4 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें मेंटरिंग सत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस दौरान छात्रों को पायथन प्रोग्रामिंग के साथ-साथ कोडिंग की बारीकियां सिखाई जाएंगी। खास बात यह है कि यह पूरा कार्यक्रम वर्चुअल मोड में आयोजित होगा और छात्रों के लिए पूरी तरह से निःशुल्क रहेगा।
इंटेल का सहयोग और तकनीकी प्रशिक्षण
इस बूटकैंप के सफल आयोजन के लिए सीबीएसई ने प्रसिद्ध चिप निर्माता कंपनी इंटेल का सहयोग लिया है। यह साझेदारी छात्रों को उद्योग-स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने में मददगार साबित होगी। बोर्ड ने इस संबंध में सभी संबंधित स्कूलों को आधिकारिक जानकारी भेज दी है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इच्छुक छात्रों को इस कार्यक्रम के बारे में जागरूक करें और उन्हें पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने में सहायता प्रदान करें।
आधुनिक शिक्षा पर बढ़ता जोर
पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और कोडिंग जैसे विषयों का महत्व तेजी से बढ़ा है। उद्योग जगत में इन तकनीकों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसे देखते हुए सीबीएसई ने स्कूल स्तर पर ही छात्रों को इन आधुनिक विषयों से परिचित कराने का निर्णय लिया है। बोर्ड पहले ही कक्षा 6 से 12 तक के पाठ्यक्रम में कौशल-आधारित विषयों को शामिल कर चुका है।
- एआई विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों में तार्किक सोच विकसित करना है।
- समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ावा देना इस कार्यक्रम का एक प्रमुख लक्ष्य है।
- नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए यह बूटकैंप एक महत्वपूर्ण कदम है।
- छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना इस पहल का अंतिम उद्देश्य है।
सीबीएसई द्वारा यह पहल छात्रों को डिजिटल युग के लिए तैयार करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इस बूटकैंप के माध्यम से छात्र न केवल पायथन प्रोग्रामिंग सीखेंगे, बल्कि उन्हें कोडिंग की व्यावहारिक समझ भी विकसित होगी, जो उनके शैक्षणिक और करियर विकास में सहायक सिद्ध हो सकती है।