केरल में लिटिल काइट्स शिविर: 14,800 से अधिक विद्यार्थी तैयार कर रहे कार्यशील मौसम मॉडल
केरल में शिक्षा के क्षेत्र में एक अनोखी पहल के तहत, राज्य के 14,804 स्कूली छात्र लिटिल काइट्स तकनीकी शिविरों में भाग ले रहे हैं। ये छात्र अपने हाथों से काम करने वाले मौसम मॉडल तैयार कर रहे हैं। ये शिविर केरल सरकार के सामान्य शिक्षा विभाग की तकनीकी इकाई, केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं।
लिटिल काइट्स को देश का सबसे बड़ा छात्र सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) नेटवर्क माना जाता है, जिसमें राज्यभर में दो लाख से अधिक सदस्य शामिल हैं। वर्तमान में चल रहे उप-जिला स्तर के शिविरों में भाग लेने वाले छात्रों का चयन स्कूल स्तर पर आयोजित प्रारंभिक शिविरों के बाद किया गया है।
225 केंद्रों पर दो दिवसीय शिविर
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चयनित छात्र 225 विभिन्न केंद्रों पर आयोजित दो दिवसीय उप-जिला शिविरों में भाग ले रहे हैं। इन शिविरों में विद्यार्थियों को आधुनिक मौसम पूर्वानुमान प्रणाली के पीछे काम करने वाले वैज्ञानिक सिद्धांतों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
शिविर के दौरान छात्र प्रोग्रामिंग की सहायता से मौसम निगरानी उपकरणों के प्रोटोटाइप तैयार कर रहे हैं। इनमें तापमान, वायुदाब, हवा की गति और आर्द्रता जैसे मापदंडों का विश्लेषण कर मौसम का अनुमान लगाने वाले सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं।
रोबोटिक किट से तैयार हो रहे उपकरण
KITE के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. अनवर सादथ के अनुसार, छात्रों को पहले से स्कूलों में उपलब्ध कराए गए रोबोटिक किट का उपयोग कराया जा रहा है। इन किटों की सहायता से छात्र निम्नलिखित उपकरण बना रहे हैं:
- तापमान मापने के लिए LDR सेंसर और सर्वो मोटर से जुड़े उपकरण
- Arduino बोर्ड पर आधारित मौसम निगरानी प्रणाली
- डिजिटल एनीमोमीटर (हवा की गति मापने का उपकरण)
- विंड वेन (हवा की दिशा बताने वाला मॉडल)
एनिमेशन और डिजिटल कंटेंट पर भी जोर
तकनीकी गतिविधियों के अलावा, शिविर में एनिमेशन और डिजिटल कंटेंट निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्र OpenToonz सॉफ्टवेयर के माध्यम से 2D एनिमेशन सीख रहे हैं, जिसमें रोटेट एनिमेशन, इन-बिटवीन फ्रेम, लिप-सिंकिंग और स्पेशल इफेक्ट्स जैसी तकनीकें शामिल हैं। साथ ही, ब्लेंडर सॉफ्टवेयर के जरिए 3D मॉडलिंग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
जनवरी 2026 से उन्नत किट उपलब्ध
सादथ ने अपने ऑनलाइन संबोधन में बताया कि जनवरी 2026 से सभी स्कूलों में उन्नत रोबोटिक किट उपलब्ध कराई जाएंगी। इन नई किटों की मदद से छात्र चलने-फिरने वाले रोबोट से लेकर स्मार्ट वेदर स्टेशन तक तैयार कर सकेंगे।
लिटिल काइट्स कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में नवाचार, तकनीकी दक्षता और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीक के केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसके निर्माता बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।