दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला: टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध बरकरार, सरकार के कदम को मंजूरी

नीट (यूजी) 2026 की पुनः परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार के पास ऐसे कदम उठाने का पूरा अधिकार है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि देश की इस महत्वपूर्ण परीक्षा की सुरक्षा के लिए सरकार को आपातकालीन उपाय करने और अस्थायी प्रतिबंध लगाने का कानूनी अधिकार है। अब 22 जून तक टेलीग्राम पूरे भारत में बंद रहेगा।

हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को बरकरार रखा

शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस तेजस करिया की एकल पीठ ने टेलीग्राम की याचिका खारिज करते हुए यह अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि सभी दलीलों पर विचार करने के बाद यह पाया गया कि विवादित आदेशों की आपातकालीन प्रकृति को देखते हुए अधिकारियों ने प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया। कोर्ट ने साफ किया कि सरकार का यह फैसला समानता की कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरता है। देशव्यापी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम जायज है, क्योंकि इसमें वैध उद्देश्य छिपा है और सरकार ने हालात को काबू में करने के लिए कम से कम प्रतिबंधात्मक उपाय अपनाया है।

टेलीग्राम के फीचर्स बने सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती

केंद्र सरकार ने अदालत में टेलीग्राम के तकनीकी ढांचे को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए। सरकार ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया कि टेलीग्राम के कुछ खास फीचर्स कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं।

  • गुमनामी और क्लाउड आर्किटेक्चर: इस एप पर यूजर्स की पहचान छिपाने की सुविधा और इसका क्लाउड-बेस्ड ढांचा जांच में बाधा डालता है।
  • बड़े चैनल और ऑटोमेटेड बॉट्स: परीक्षा से जुड़े घोटालों और पेपर लीक के लिए इसके ऑटोमेटेड बॉट्स और फॉरवर्डिंग मैकेनिज्म का धड़ल्ले से गलत इस्तेमाल हो रहा था।
  • मिनटों में नए ग्रुप: सरकार के अनुसार, किसी खास अवैध कंटेंट या चैनल को डिलीट करने से कोई फायदा नहीं हो रहा था, क्योंकि नकल माफिया कुछ ही मिनटों में नए चैनल और बॉट दोबारा खड़े कर लेते थे।

1.46 लाख अकाउंट्स तक थी नकल माफिया की पहुंच

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने यह कदम उठाया था। सरकार ने कोर्ट को बताया कि नीट के फर्जी प्रश्न पत्र बेचने वाले जिन टेलीग्राम चैनलों, ग्रुप्स और बॉट्स की पहचान की गई थी, उनकी कुल पहुंच करीब 1.46 लाख अकाउंट्स तक हो चुकी थी। सरकार ने कहा कि कंटेंट हटाने के बार-बार किए गए अनुरोध जब नाकाफी साबित हुए, तब जाकर सभी विकल्पों को आजमाने के बाद ही इमरजेंसी ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी किया गया।

22 लाख छात्रों के भविष्य का सवाल

तीन मई को आयोजित हुई नीट यूजी 2026 परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के लिए 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। सरकार का तर्क था कि इस परीक्षा की शुचिता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए पूरे प्लेटफॉर्म पर कुछ समय के लिए पाबंदी लगाना बेहद जरूरी था।

टेलीग्राम को क्यों नहीं मिली राहत?

टेलीग्राम का कहना था कि पूरे देश में उसकी सेवाओं को 22 जून तक अस्थायी रूप से रोकना और 30 जून तक मैसेज एडिटिंग फीचर बंद करना जरूरत से ज्यादा सख्त कदम है। कंपनी का तर्क था कि इस फैसले का असर केवल संदिग्ध अकाउंट्स पर नहीं, बल्कि लाखों सामान्य यूजर्स पर भी पड़ रहा है जो प्लेटफॉर्म का वैध उपयोग करते हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने सरकार के एहतियाती कदम को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि चूंकि यह प्रतिबंध बेहद सीमित समय (22 जून) के लिए और एक खास इवेंट (नीट परीक्षा) से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे गैर-कानूनी या जरूरत से ज्यादा सख्त नहीं माना जा सकता।

सरकार का पक्ष क्या था?

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा कि सरकार के पास सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत इमरजेंसी ब्लॉकिंग पावर का इस्तेमाल करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था। सरकार का कहना है कि टेलीग्राम का आर्किटेक्चर ऐसा है कि इसका इस्तेमाल परीक्षाओं में धोखाधड़ी के लिए बार-बार किया जा रहा है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने पहले टेलीग्राम से अवैध और आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने के कई बार अनुरोध किए थे, लेकिन वे नहीं माने। इसके अलावा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने टेलीग्राम पर कई ऐसे संदिग्ध चैनल्स, ग्रुप्स और बॉट्स की पहचान की है, जो खुलेआम नीट के प्रश्न-पत्र बेचने के नाम पर उम्मीदवारों से पैसे वसूल रहे थे। इन फ्रॉड चैनल्स की पहुंच करीब 1.46 लाख अकाउंट्स तक थी।

फिलहाल जारी रहेंगी पाबंदियां

हाईकोर्ट के फैसले के बाद टेलीग्राम को तत्काल राहत नहीं मिली है। इसका मतलब है कि अब 21 जून को होने वाली नीट की दोबारा परीक्षा के दौरान पूरे देश में टेलीग्राम की सेवाएं पूरी तरह ठप रहेंगी।