NEET पुनः परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर लगी रोक, VPN से अब भी जारी सेवाएं

भारत सरकार द्वारा NEET UG 2026 की पुनः परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। देश में पहले से सक्रिय बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं के लिए यह इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म काम करना बंद कर चुका है। हालांकि, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का उपयोग करने वाले लोग अभी भी इस सेवा तक आसानी से पहुंच बना पा रहे हैं।

मौजूदा उपयोगकर्ताओं के लिए बंद हुआ प्लेटफॉर्म

सरकारी निर्देशों के बाद टेलीग्राम तक पहुंच को सीमित कर दिया गया है, जिससे भारत में पहले से ऐप का उपयोग कर रहे कई लोग भी सेवा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इसके साथ ही, नए उपयोगकर्ताओं के लिए ऐप डाउनलोड करने के विकल्प भी धीरे-धीरे समाप्त हो रहे हैं। गूगल ने अपने प्ले स्टोर से टेलीग्राम को हटा दिया था, और अब एपल ने भी अपने ऐप स्टोर से इस ऐप को हटाने का फैसला किया है। यह कदम 21 जून को होने वाली NEET UG 2026 की पुनः परीक्षा से पहले उठाया गया है।

वीपीएन के जरिए अब भी सुलभ है टेलीग्राम

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि टेलीग्राम पर लगाया गया प्रतिबंध पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो सकता। उनके अनुसार, वीपीएन का उपयोग करने वाले उपयोगकर्ता बिना किसी बड़ी बाधा के इस प्लेटफॉर्म तक पहुंच बना रहे हैं। एक साइबर सुरक्षा फर्म के निदेशक जितेन जैन ने बताया कि टेलीग्राम को केवल ब्लॉक करने से पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वीपीएन उपयोगकर्ता भारतीय सर्वरों को बायपास कर विदेशी सर्वरों से जुड़ सकते हैं, जिससे टेलीग्राम की सेवाएं उनके लिए सक्रिय रहती हैं।

परीक्षा सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम

सरकार द्वारा टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला NEET UG 2026 की पुनः परीक्षा की तैयारियों के बीच लिया गया है। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी के संभावित लीक, गलत सूचनाओं के प्रसार और नकल नेटवर्क पर अंकुश लगाना माना जा रहा है।

  • सरकार का मुख्य उद्देश्य परीक्षा की गोपनीयता सुनिश्चित करना है।
  • टेलीग्राम के माध्यम से फैलने वाली गलत सूचनाओं को रोकना भी इसका एक कारण है।
  • परीक्षा से पहले किसी भी प्रकार के नकल नेटवर्क को तोड़ने के लिए यह कदम उठाया गया है।

विशेषज्ञों की राय: ब्लॉक करना नहीं है स्थायी समाधान

हालांकि, साइबर विशेषज्ञों का तर्क है कि केवल किसी एक प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने से ऐसी गतिविधियों को पूरी तरह से रोक पाना कठिन है। उनका कहना है कि तकनीकी विकल्पों के माध्यम से उपयोगकर्ता विभिन्न मंचों तक पहुंच बना सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पेपर लीक जैसी समस्याओं के समाधान के लिए अधिक व्यापक और बहुआयामी रणनीति की आवश्यकता है, न कि केवल एक ऐप को ब्लॉक करने की। यह देखना दिलचस्प होगा कि टेलीग्राम पर लगाया गया यह अस्थायी प्रतिबंध परीक्षा सुरक्षा के लक्ष्य को कितना प्रभावी ढंग से पूरा कर पाता है।