मेटा में बड़ी छंटनी के बाद जुकरबर्ग का खुलासा: ‘हमसे गलतियां हुई हैं’
दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों में से एक मेटा ने हाल ही में अपने कर्मचारियों की संख्या में भारी कटौती की है। कंपनी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर अपना पूरा फोकस केंद्रित करने के लिए लगभग 8,000 लोगों को नौकरी से निकाल दिया। अब इस फैसले पर कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने खुद बड़ी बात कही है। उन्होंने स्वीकार किया है कि इस पुनर्गठन प्रक्रिया में कुछ गलतियां हुई हैं और इसके परिणाम उतने अच्छे नहीं रहे जितनी उम्मीद थी।
AI की राह में बड़ा बदलाव
फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म की मूल कंपनी मेटा पिछले कुछ समय से AI तकनीक में अग्रणी बनने के लिए जोर लगा रही है। इसी के तहत कंपनी ने अपने व्यवसायिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया। मई के महीने में मेटा ने अपने वैश्विक कार्यबल में 10% की कटौती की। मार्च तक कंपनी में लगभग 78,000 कर्मचारी थे, जिनमें से करीब 8,000 लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। वहीं, जिन कर्मचारियों की नौकरी बची, उनमें से लगभग 7,000 को सीधे AI से जुड़ी परियोजनाओं पर लगा दिया गया है।
जुकरबर्ग ने मानी कमियां
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्क जुकरबर्ग ने कर्मचारियों को एक आंतरिक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कंपनी के पुनर्गठन के दौरान कुछ गलतियां हुई हैं। उन्होंने माना कि यह योजना पूरी तरह से सफल नहीं रही और इससे उन्हें मनचाहा परिणाम नहीं मिला। जुकरबर्ग ने यह भी कहा कि AI के अनुरूप खुद को ढालने की इस बड़ी प्रक्रिया में भविष्य में भी कई गलतियां हो सकती हैं। यह एक सीखने की प्रक्रिया है और कंपनी को इसमें लगातार सुधार करना होगा।
AI पर मेटा का बड़ा दांव
मार्क जुकरबर्ग का पूरा ध्यान अब भविष्य की तकनीक पर है। कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर, नई प्रतिभाओं और उन्नत उत्पादों पर भारी निवेश कर रही है। मेटा की तैयारी ऐसे स्मार्ट AI एजेंट बनाने की है, जो पारंपरिक कामों को आसानी से संभाल सकें। ये एजेंट वे सारे काम करेंगे जो अब तक कर्मचारी करते आ रहे थे। यह कंपनी के लिए एक बड़ा बदलाव है और इसी दिशा में मेटा तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कर्मचारियों को भरोसा
कर्मचारियों के मन में छंटनी को लेकर जो डर है, उसे कम करने के लिए जुकरबर्ग ने कुछ आश्वासन भी दिए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस साल मेटा में कोई बड़ी छंटनी की योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने एक चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि तकनीकी उद्योग में हालात बहुत तेजी से बदल रहे हैं और कई चीजें उनके नियंत्रण से बाहर हैं। इसलिए भविष्य में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कंपनी को तैयार रहना होगा।
बदलते दौर में नई रणनीति
मेटा का यह कदम दिखाता है कि कंपनी AI के युग में खुद को पूरी तरह से ढालना चाहती है। हालांकि, इस रास्ते में गलतियां होना स्वाभाविक है। जुकरबर्ग का यह खुलासा बताता है कि वे इस बदलाव की चुनौतियों को समझते हैं और उन्हें सुधारने के लिए तैयार हैं। कंपनी अब AI को अपने भविष्य का आधार बना रही है, भले ही इसके लिए कुछ कठिन फैसले लेने पड़े हों।