साइलेंट कॉल स्कैम: ‘हेलो’ कहते ही कट गया फोन? गृह मंत्रालय ने दी चेतावनी
क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि फोन की घंटी बजी, आपने कॉल रिसीव की, ‘हेलो’ कहा और अगले ही पल कॉल डिस्कनेक्ट हो गई? ज्यादातर लोग इसे नेटवर्क की खराबी या गलत नंबर समझकर भूल जाते हैं। लेकिन साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक नए प्रकार का साइबर फ्रॉड हो सकता है, जिसे ‘साइलेंट कॉल स्कैम’ के नाम से जाना जा रहा है। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी ने इस खतरे को लेकर आम जनता को सतर्क किया है। आइए समझते हैं कि आखिर यह स्कैम कैसे काम करता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
क्या है साइलेंट कॉल स्कैम?
यह कोई सामान्य कॉल नहीं है, बल्कि एक ऑटोमेटेड सिस्टम है जिसे हैकर्स द्वारा संचालित किया जाता है। स्कैमर्स एक साथ हजारों मोबाइल नंबरों पर कॉल करते हैं। उनका उद्देश्य आपसे बातचीत करना नहीं, बल्कि यह पता लगाना होता है कि आपका नंबर सक्रिय है या नहीं। जैसे ही आप फोन उठाकर ‘हेलो’ बोलते हैं, मशीन आपकी आवाज को रिकॉर्ड कर लेती है और पुष्टि करती है कि लाइन पर कोई वास्तविक व्यक्ति मौजूद है। इसके तुरंत बाद कॉल काट दी जाती है और आपका नंबर उनकी ‘सक्रिय नंबरों’ की सूची में जुड़ जाता है।
स्कैमर्स का अगला कदम
एक बार जब आपका नंबर सक्रिय के रूप में चिह्नित हो जाता है, तो असली खतरा शुरू होता है। गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, इसके बाद ठग आपको विभिन्न तरीकों से निशाना बना सकते हैं:
- आपके नंबर पर फर्जी कॉल्स और संदिग्ध संदेशों की बाढ़ आ सकती है।
- अपराधी आपको डरा-धमकाकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए फ्रॉड का शिकार बना सकते हैं।
- बैंक खाते की जानकारी चुराने, लॉटरी या इनाम के नाम पर ठगी करने के लिए आपको टारगेट किया जा सकता है।
खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
साइबर ठगों से बचने के लिए कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं:
- वापस कॉल न करें: अगर कोई अनजान नंबर से कॉल आए और तुरंत कट जाए, तो उसी नंबर पर दोबारा कॉल करने से बचें।
- नंबर ब्लॉक करें: यदि किसी एक ही नंबर से बार-बार ऐसी कॉल आ रही हैं, तो उसे तुरंत ब्लॉक कर दें।
- स्पैम अलर्ट को गंभीरता से लें: अधिकांश टेलीकॉम कंपनियां अब कॉल आने पर स्क्रीन पर ‘स्पैम’ या ‘संदिग्ध कॉल’ का संकेत देती हैं। ऐसी कॉल्स को रिसीव न करें।
- निजी जानकारी साझा न करें: किसी भी अनजान कॉलर या मैसेज में आए लिंक पर क्लिक न करें। अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी कभी किसी को न दें।
शिकायत कहां करें?
यदि आपको कोई संदिग्ध कॉल आती है या आपके साथ ठगी का प्रयास होता है, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर जाकर ‘जांच करें और रिपोर्ट करें’ विकल्प के माध्यम से उस नंबर की सूचना दी जा सकती है। इसके अलावा, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी मदद ली जा सकती है। सतर्कता ही इस तरह के स्कैम से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।