व्हाट्सएप ला रहा है नया स्कैम अलर्ट फीचर, ऐसे करेगा यूजर्स की सुरक्षा
डिजिटल युग में ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इसके प्रमुख जरिए बनते जा रहे हैं। इसी को देखते हुए व्हाट्सएप अपने यूजर्स को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए एक नई सुविधा पर काम कर रहा है। कंपनी एक खास ‘स्कैम अलर्ट’ फीचर विकसित कर रही है, जो अनजान नंबरों से आने वाले संदिग्ध संदेशों की पहचान करेगा और यूजर को तुरंत सचेत करेगा। इस फीचर का मकसद है कि लोग फर्जी ऑफर, लॉटरी या नौकरी जैसे झांसे में आने से पहले ही सावधान हो जाएं।
कैसे काम करेगा स्कैम अलर्ट फीचर?
यह नया फीचर सबसे पहले उन संदेशों की जांच करेगा जो आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव नहीं हैं। जैसे ही कोई अज्ञात नंबर से कोई संदिग्ध मैसेज आएगा, व्हाट्सएप का सिस्टम उसे स्कैन करेगा। अगर मैसेज में धोखाधड़ी के संकेत मिलते हैं, जैसे फर्जी लिंक, लालच देने वाले ऑफर या निजी जानकारी मांगना, तो चैट विंडो में ही एक चेतावनी दिखाई देगी। इससे यूजर को तुरंत अंदाजा हो जाएगा कि यह संदेश सुरक्षित नहीं है और वह बिना क्लिक किए इसे अनदेखा कर सकता है।
किन नंबरों की होगी जांच?
यह समझना जरूरी है कि यह सुविधा केवल उन्हीं नंबरों पर लागू होगी जो आपकी फोनबुक में सेव नहीं हैं। यानी, आपके परिचितों या दोस्तों के नंबरों से आने वाले संदेशों पर इसका कोई असर नहीं होगा। इस तरह, आपकी नियमित बातचीत बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी, और केवल संभावित खतरनाक संदेशों की ही जांच की जाएगी।
यूजर के पास रहेगा पूरा नियंत्रण
अगर कोई चैट संदिग्ध पाई जाती है, तो यूजर के सामने दो विकल्प होंगे:
- ब्लॉक और रिपोर्ट: इस विकल्प के जरिए यूजर उस संदिग्ध नंबर को तुरंत ब्लॉक कर सकता है और व्हाट्सएप को रिपोर्ट कर सकता है।
- चैट पर भरोसा करें: अगर यूजर को लगता है कि संदेश सुरक्षित है, तो वह इस विकल्प को चुनकर बातचीत जारी रख सकता है।
इस तरह, यूजर को खुद तय करने की आजादी होगी कि वह किस चैट पर भरोसा करना चाहता है और किसे ब्लॉक करना चाहता है।
प्राइवेसी और सुरक्षा का ध्यान
व्हाट्सएप ने इस फीचर को डिजाइन करते समय प्राइवेसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कंपनी ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया में यूजर की निजता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए कई खास इंतजाम किए गए हैं:
- डिवाइस पर ही होगी स्कैनिंग: संदिग्ध संदेशों की जांच का पूरा प्रोसेस आपके फोन के अंदर ही पूरा होगा। कोई भी डेटा व्हाट्सएप या मेटा के सर्वर पर नहीं भेजा जाएगा।
- एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन बरकरार: आपकी सभी चैट पहले की तरह पूरी तरह एन्क्रिप्टेड रहेंगी। इसका मतलब है कि व्हाट्सएप खुद भी आपके संदेशों को नहीं पढ़ सकता।
- प्राइवेसी में कोई बदलाव नहीं: किसी अन्य यूजर को यह पता नहीं चलेगा कि आपने यह फीचर चालू किया है या नहीं। आपकी गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
स्कैम अलर्ट का इतिहास भी देख सकेंगे
कंपनी एक और सुविधा पर भी काम कर रही है, जिसके तहत यूजर यह देख सकेंगे कि स्कैम अलर्ट फीचर ने कितनी बार और कब-कब चेतावनी जारी की है। यह एक लोकल रिपोर्टिंग टूल होगा, जो यूजर को उनके डिवाइस पर ही उपलब्ध होगा। इससे यूजर को अपनी सुरक्षा का पूरा लेखा-जोखा रखने में मदद मिलेगी।
डिफॉल्ट रूप से बंद रहेगा फीचर
खास बात यह है कि यह फीचर डिफॉल्ट रूप से चालू नहीं होगा। व्हाट्सएप यूजर्स पर कोई सुविधा जबरदस्ती थोपना नहीं चाहता। जो यूजर इसका लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें सेटिंग्स में जाकर इसे मैन्युअली एक्टिवेट करना होगा। इससे हर यूजर को यह तय करने की स्वतंत्रता मिलेगी कि वह इस सुविधा का उपयोग करना चाहता है या नहीं।
अभी डेवलपमेंट स्टेज में है फीचर
फिलहाल, व्हाट्सएप का यह स्कैम अलर्ट फीचर डेवलपमेंट के चरण में है। अभी तक इसे बीटा टेस्टर्स के लिए भी जारी नहीं किया गया है। हालांकि, उम्मीद की जा रही है कि आने वाले अपडेट्स में इसका परीक्षण शुरू हो सकता है। परीक्षण सफल रहने के बाद इसे स्टेबल वर्जन में सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा। यह फीचर निश्चित रूप से ऑनलाइन ठगी से निपटने में व्हाट्सएप यूजर्स के लिए एक मजबूत ढाल साबित हो सकता है।