जेफ बेजोस का बड़ा बयान: ‘गरीबों का टैक्स कम नहीं, पूरी तरह माफ होना चाहिए’
अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस ने एक बार फिर अपने विवादित बयानों से सुर्खियां बटोरी हैं। इस बार उन्होंने न्यूयॉर्क शहर की सरकारी स्कूल व्यवस्था और ‘अमीरों पर टैक्स’ जैसी नीतियों को निशाने पर लिया है। बेजोस का मानना है कि केवल अमीरों पर टैक्स लगाने से समाज की असली समस्याएं हल नहीं होंगी। उन्होंने सिस्टम में गहरे बदलाव और प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया है।
स्कूल सिस्टम पर अमेजन का तंज
बेजोस ने न्यूयॉर्क के स्कूल सिस्टम की कार्यप्रणाली को समझाने के लिए अपने ही व्यवसाय का उदाहरण दिया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर अमेजन इसी तरह काम करता, तो ग्राहकों को उनका पैकेज पहुंचने में छह हफ्ते लग जाते। साथ ही, 100 डॉलर (लगभग 8,400 रुपये) की भारी डिलीवरी फीस चुकानी पड़ती और अंत में बक्से से गलत सामान निकलता। उनका स्पष्ट संदेश था कि निजी क्षेत्र में ऐसी लापरवाही तुरंत कारोबार खत्म कर सकती है, लेकिन सरकारी तंत्र इसी पुराने ढर्रे पर चल रहा है।
शिक्षकों तक नहीं पहुंच रहा पैसा
बेजोस ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया। उनके अनुसार, न्यूयॉर्क शहर हर साल एक छात्र की शिक्षा पर औसतन 44 हजार डॉलर (करीब 37 लाख रुपये) खर्च करता है। बेजोस ने सवाल उठाया कि इतने बड़े निवेश के बाद भी शिक्षा का स्तर और नतीजे इतने खराब क्यों हैं? उनका दावा है कि यह भारी रकम शिक्षकों तक नहीं पहुंच रही है। बल्कि, सारा पैसा सिस्टम और प्रशासनिक ढांचे को बनाए रखने में बर्बाद हो रहा है।
‘अमीरों पर टैक्स’ की राजनीति पर प्रहार
बेजोस ने उन राजनेताओं को भी आड़े हाथों लिया जो हर समस्या का समाधान केवल अमीरों पर टैक्स लगाने में ढूंढते हैं। उनका मानना है कि राजनेता अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए अमीरों को खलनायक बना देते हैं। उन्होंने अमेजन की ‘द फाइव व्हायज’ नीति का जिक्र किया, जहां किसी भी समस्या की जड़ तक पहुंचने के लिए पांच बार ‘क्यों’ पूछा जाता है। उनके अनुसार, दूसरों पर उंगली उठाने से 10 सेकंड की संतुष्टि जरूर मिल सकती है, लेकिन इससे समाज का कोई भला नहीं होता।
गरीबों का टैक्स पूरी तरह माफ करने की मांग
चर्चा के दौरान सबसे अहम मुद्दा अमेरिकी टैक्स सिस्टम का रहा। बेजोस ने मांग की कि अमेरिका जैसे दुनिया के सबसे अमीर देश को उन लोगों से बिल्कुल टैक्स नहीं लेना चाहिए जो आर्थिक संघर्ष कर रहे हैं या जिन्होंने अभी अपना करियर शुरू किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे लोगों के टैक्स को केवल कम नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसे पूरी तरह से खत्म कर देना चाहिए।
मेयर ममदानी का पलटवार
बेजोस के इन दावों पर तीखी प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जवाब देते हुए लिखा कि वह क्वींस इलाके के ऐसे कई शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं जो बेजोस की इस टिप्पणी से कतई सहमत नहीं होंगे।
शिक्षा के लिए 1260 करोड़ का दान
दिलचस्प बात यह है कि जेफ बेजोस का यह तीखा बयान ऐसे समय में सामने आया है जब उनका परिवार शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठा रहा है। सिस्टम की आलोचना करने के साथ ही बेजोस परिवार ने न्यूयॉर्क शहर में छोटे बच्चों की शुरुआती शिक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 150 मिलियन डॉलर (लगभग 1,260 करोड़ रुपये) दान करने की घोषणा की है।