सेल्फी में उंगलियां दिखाना पड़ सकता है भारी, खाली हो सकता है बैंक खाता
छुट्टियों में घूमते समय या दोस्तों के साथ मस्ती करते हुए अक्सर लोग कैमरे की ओर उंगलियों से ‘पीस साइन’ बनाकर या हाथ हिलाकर फोटो खिंचवाते हैं। यह एक आम और मासूम सी आदत है, लेकिन अब यह आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बायोमेट्रिक तकनीक के मिलने से एक नया साइबर खतरा उभर कर सामने आया है, जो सीधे आपके बैंक खाते और डिजिटल पहचान को निशाना बना सकता है।
अगर आप हाई-रेजोल्यूशन कैमरे के सामने अपनी हथेलियां या उंगलियां दिखाते हैं, तो हैकर्स आपके अनोखे फिंगरप्रिंट की सटीक नकल तैयार कर सकते हैं। लगातार उन्नत हो रहे कैमरे और शक्तिशाली AI टूल्स अब बायोमेट्रिक डेटा चुराने का एक नया और खतरनाक जरिया बन गए हैं।
पांच फीट की दूरी भी सुरक्षित नहीं
हाल ही में चीन से आई रिपोर्ट्स ने इस खतरे को और अधिक स्पष्ट कर दिया है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आप कैमरे से पांच फीट के दायरे में खड़े होकर फोटो खिंचवाते हैं और आपकी उंगलियां स्पष्ट रूप से कैमरे की ओर हैं, तो कोई भी अपराधी आसानी से आपके फिंगरप्रिंट का डिजिटल डेटा निकाल सकता है। यह डेटा मिलने के बाद आपके स्मार्टफोन, लैपटॉप और यहां तक कि पेमेंट सिस्टम के बायोमेट्रिक स्कैनर को भी आसानी से धोखा दिया जा सकता है।
AI ने बढ़ाया खतरे का स्तर
पहले के समय में धुंधली तस्वीरें इस तरह की चोरी से बचाने में कारगर होती थीं, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर और AI टूल्स सामान्य सेल्फी में छिपे फिंगरप्रिंट की बारीक लकीरों को भी बेहद साफ और स्पष्ट बना सकते हैं। हालांकि रोशनी और फोकस जैसी चीजें अभी भी मायने रखती हैं, लेकिन इनसे बचने की संभावनाएं लगातार कम होती जा रही हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों या कई तस्वीरों की मदद से हैकर्स आसानी से किसी के भी फिंगरप्रिंट का डेटा निकाल सकते हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे प्रयोग
तस्वीरों से फिंगरप्रिंट चुराने का यह विचार नया नहीं है, लेकिन इसे सच साबित करने वाली तकनीक अब लैब से निकलकर आम स्मार्टफोन तक पहुंच चुकी है। साल 2013 में, जर्मन बायोमेट्रिक्स शोधकर्ता ने एप्पल के टच आईडी (Touch ID) के लॉन्च होने के कुछ ही समय बाद उसे हैक कर लिया था। इसके ठीक एक साल बाद, उन्होंने जर्मनी की रक्षा मंत्री के हाथों की आम तस्वीरों का उपयोग करके उनके फिंगरप्रिंट बना लिए थे।
जो काम पहले बहुत कठिन और तकनीकी लगता था, वह अब भयावह रूप से आसान हो गया है। साल 2021 में, सुरक्षा प्रयोगशालाओं के शोधकर्ताओं ने यह साबित कर दिया कि सिर्फ एक तस्वीर, फोटोशॉप, लेजर प्रिंटर और थोड़ी सी लकड़ी वाली गोंद की मदद से एक नकली लेकिन काम करने वाला फिंगरप्रिंट बनाया जा सकता है।
फिर भी क्यों भरोसा किया जाता है फिंगरप्रिंट पर?
अगर इसमें इतना अधिक जोखिम है, तो बड़ी टेक कंपनियां अभी भी फिंगरप्रिंट स्कैनर का उपयोग क्यों कर रही हैं? इसका जवाब सीधा है- सुविधा। बायोमेट्रिक्स उपयोगकर्ताओं को बिना किसी झंझट के काम करने की आजादी देता है। इसकी मदद से लोग कुछ ही सेकंड में अपना फोन अनलॉक कर सकते हैं या पेमेंट कन्फर्म कर सकते हैं। हालांकि यह लंबे और जटिल पासवर्ड जितना सुरक्षित नहीं है, लेकिन फिर भी यह आम चोरों से फोन को सुरक्षित रखने का एक प्रभावी तरीका है।
खुद को कैसे बचाएं इस बड़े खतरे से?
आपको सेल्फी लेना बंद करने की कोई आवश्यकता नहीं है, बस थोड़ी सी सावधानी बरतने की जरूरत है। अपने बायोमेट्रिक डेटा को सुरक्षित रखने के लिए विशेषज्ञ निम्नलिखित उपाय सुझाते हैं:
- दूरी का ध्यान रखें: क्लोज-अप शॉट्स लेने से बचें, खासकर जब आपकी उंगलियों के पोर साफ नजर आ रहे हों।
- हाथ घुमा लें: अगर आपको तस्वीरों में ‘पीस साइन’ बनाना पसंद है, तो हथेली को कैमरे की तरफ रखने के बजाय अपनी तरफ करके फोटो खिंचवाएं।
- मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) का उपयोग करें: अपने महत्वपूर्ण और संवेदनशील खातों की सुरक्षा के लिए सिर्फ फिंगरप्रिंट पर निर्भर न रहें। इसके साथ किसी दूसरे कोड या ऐप का उपयोग जरूर करें।