X का नया नियम: चुराए गए वायरल कंटेंट से कमाई पर रोक
एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने कंटेंट चोरी के खिलाफ एक सख्त नीति लागू की है। अब से, दूसरों के वायरल वीडियो या मीम्स को बिना अनुमति के दोबारा पोस्ट करने वाले अकाउंट्स को मोनेटाइजेशन का लाभ नहीं मिलेगा। इस कदम का उद्देश्य मूल कंटेंट निर्माताओं को प्रोत्साहित करना और प्लेटफॉर्म पर बढ़ती कंटेंट चोरी को रोकना है।
क्या है पूरा मामला?
X पर एक आम समस्या यह देखी गई है कि एक ही वायरल वीडियो या मीम कुछ ही मिनटों में कई बड़े अकाउंट्स पर नजर आने लगता है। अक्सर छोटे क्रिएटर मेहनत से कोई आकर्षक वीडियो बनाते हैं, लेकिन उनके पोस्ट करने के तुरंत बाद, बड़े रीपोस्ट अकाउंट्स उस वीडियो को डाउनलोड करके अपने पेज पर अपलोड कर देते हैं।
चूंकि इन बड़े अकाउंट्स के पास अधिक फॉलोअर्स होते हैं, वे मूल क्रिएटर की तुलना में कहीं अधिक व्यूज बटोर लेते हैं। इसका सीधा लाभ उन्हें X के मोनेटाइजेशन प्रोग्राम के माध्यम से अच्छी कमाई के रूप में मिलता है। इस बीच, असली निर्माता को न तो पहचान मिलती है और न ही उसका उचित हक। सोशल मीडिया की दुनिया में इस प्रवृत्ति को ‘कॉपीकैट इकॉनमी’ कहा जाने लगा था, जहां असली मेहनत किसी और की होती है और मुनाफा कोई और कमाता है।
X ने अब क्या कदम उठाया है?
इस समस्या से निपटने के लिए X ने अपने सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने उन बड़े अकाउंट्स की पहचान कर ली है जो सॉफ्टवेयर या ऑटोमैटिक टूल्स का उपयोग करके छोटे क्रिएटर्स के वीडियो को चोरी-छिपे अपने पेज पर अपलोड कर रहे थे।
कंटेंट चोरी को रोकने के लिए X ने अपने एल्गोरिदम को इस तरह अपडेट किया है कि अब सिस्टम चुराए गए वीडियो की तुरंत पहचान कर लेगा। इस बदलाव के बाद, यदि कोई बड़ा अकाउंट किसी का वीडियो कॉपी करके डालता है, तो उस वीडियो से मिलने वाले अधिकांश इंप्रेशन और उससे होने वाली कमाई सीधे मूल क्रिएटर के खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी। इस कदम का सीधा असर उन पेजों पर पड़ेगा जो केवल दूसरों का कंटेंट कॉपी-पेस्ट करके अपनी दुकान चला रहे थे, क्योंकि अब उनकी रीच और कमाई में भारी गिरावट आएगी।
क्या अब दूसरों के वीडियो पर रिएक्शन नहीं दे सकते?
X ने स्पष्ट किया है कि उसका लक्ष्य केवल कंटेंट चोरी रोकना है, न कि चर्चा या प्रतिक्रियाओं को बंद करना। उपयोगकर्ता अभी भी दूसरों के वीडियो पर अपनी राय या रिएक्शन दे सकते हैं। लेकिन इसके लिए प्लेटफॉर्म द्वारा तय किए गए सही तरीके का पालन करना होगा।
अब किसी वीडियो पर प्रतिक्रिया देने के लिए उसे डाउनलोड करके दोबारा अपने अकाउंट से अपलोड करने के बजाय, ‘शेयर वीडियो’ या ‘कोट’ फीचर का उपयोग करना होगा। यदि कोई उपयोगकर्ता वीडियो को कोट करके उसमें उपयोगी जानकारी, विश्लेषण या अपना नजरिया जोड़ता है, तो उसे पोस्ट की पहुंच के आधार पर कुछ इंप्रेशन मिल सकते हैं। हालांकि, इस व्यवस्था में भी वीडियो के व्यूज और कमाई का मुख्य हिस्सा उसी मूल क्रिएटर के पास जाएगा, जिसने उसे सबसे पहले प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया था।
एक तकनीकी खामी को भी सुधारा जा रहा है
उपयोगकर्ताओं ने X को बताया था कि ‘शेयर वीडियो’ फीचर में एक दिक्कत है। जब वे 280 कैरेक्टर से अधिक लंबा पोस्ट लिखते हैं, तो वीडियो दिखने के बजाय एक साधारण लिंक में बदल जाता है। कंपनी ने माना है कि यह सिस्टम का एक बग है और वे इसे ठीक करने पर काम कर रहे हैं।
यह नई नीति उन सभी अकाउंट्स के लिए एक चेतावनी है जो दूसरों की मेहनत पर पैसा कमा रहे थे। अब केवल वही लोग कमाई कर पाएंगे जो वास्तव में मूल और रचनात्मक कंटेंट बनाते हैं।